फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi : ‘लाली लो मुंह मीठा करो, चौधरी साहब को भारत रत्न मिला है’ ... किसानों ने कनॉट प्लेस में बांटा गुड़

Sat, 10 Feb 2024 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

यह नजारा राजधानी के ही नहीं, बल्कि देश व विदेशों में विख्यात कनाॅट प्लेस में शुक्रवार शाम करीब साढ़े 44 साल पहले की तरह देखने को मिला। यहां पर उत्तर प्रदेश के किसान घूम-घूमकर लोगों के बीच गुड़ बांटने में लगे हुए थे और लोग भी 28 जुलाई 1979 के दिन की तरह उनसे गुड़ बांटने के बारे में पूछ रहे थे। 
 
विज्ञापन
1 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लाली लो खाओ, मुंह मीठा करो, अरे बाबा क्या बात हो गई, आप गुड़ क्यों बांट रहे होे, अरे बहुत बड़ी बात है हमारे मसीहा चौधरी साहब को भारत रत्न मिला है। हमारी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। यह नजारा राजधानी के ही नहीं, बल्कि देश व विदेशों में विख्यात कनाॅट प्लेस में शुक्रवार शाम करीब साढ़े 44 साल पहले की तरह देखने को मिला। यहां पर उत्तर प्रदेश के किसान घूम-घूमकर लोगों के बीच गुड़ बांटने में लगे हुए थे और लोग भी 28 जुलाई 1979 के दिन की तरह उनसे गुड़ बांटने के बारे में पूछ रहे थे। 

विज्ञापन


पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न देने के बारे में सूचना देने के कुछ घंटे बाद उत्तर प्रदेश के कुछ किसान कनाॅट प्लेस में लोगों के बीच गुड़ बांटने लगे। 

कनॉट प्लेस में बागपत इलाके से गुड़ बांटने आए किसान रामपत ने बताया कि 28 जुलाई 1979 को जब चौ. चरण प्रधानमंत्री बने थे तो उनके पूर्वजों ने खुशी मनाने के लिए यहां पर गुड़ बांटा था। लिहाजा उन्होंने भी चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलने पर यहां पर गुड़ बांटने का निर्णय लिया। 
विज्ञापन


दूसरी ओर चौ. चरण सिंह के नेतृत्व में राजनीति की शुरुआत करने वाले बाहरी दिल्ली के सांसद रहे चौधरी तारीफ सिंह ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चौ. चरण सिंह ने किसानों व उनसे जुड़े वर्गों को हक दिलवाने का कार्य किया था। वह भारत रत्न के हकदार थे और किसान की वर्षों से उनको यह सम्मान देने की मांग कर रहे थे। वहीं चौ. चरण सिंह को भारत रत्न देने पर पालम 360 खाप ने भारत सरकार का धन्यवाद किया।

डाॅ. स्वामीनाथन को भारत रत्न मिलने पर जोंती गांव के निवासी गदगद
देश में हरित क्रांति के जनक और महान वैज्ञानिक डाॅ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न मिलने पर राजधानी के जोंती गांव के निवासियों ने खुशी जताई है। उनका इस गांव से खास रिश्ता रहा है। उन्होंने 60 के दशक में इसी गांव से हरित क्रांति की शुरुआत कराने का कार्य किया था। उन्होंने इस गांव में वर्ष 1967 में एक बीज शोधालय की स्थापना की थी। जहां से इलाके के किसानों को गेंहू का बीज दिया था। इस बीज शोधालय का उद्धाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था।

हरियाणा सीमा से सटे जोंती गांव के राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि डा. स्वामीनाथन के प्रयास से दिल्ली में ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के किसानों की भी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ था। उन्होंने उनके गांव को गेंहू और बाजरा के उन्नतशील बीजों पर शोध करने के लिए चुना था। राजेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1967 में डा. स्वामीनाथन ने गांववालों को खेती के माध्यम से संपन्न की बात की थी। उन्होंने कहा कि था कि गांव में प्रत्येक घर के बाहर कार खड़ी हो। उनकी पहल पर ग्रामीणों ने अपने खेतों में गेहूं की बंपर पैदावार की थी। 

पीवी नरसिंह राव को भारत रत्न देने का स्वागत
अभाविप ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव, चौधरी चरण सिंह और डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने के निर्णय का स्वागत किया है। अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजशरण शाही, याज्ञवल्क्य शुक्ल, आशीष चौहान ने इन्हें भारत रत्न से पुरस्कृत किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें