गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन पर बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद भी लापरवाही बदस्तूर जारी है। अमर उजाला संवाददाता ने शुक्रवार को कई मेट्रो स्टेशनों का जायजा लिया तो कई खामियां सामने आईं। ब्लू लाइन समेत दूसरे लाइनों के मेट्रो स्टेशनों पर इन दिनों मरम्मत का काम चल रहा है। इस दौरान कई जगह सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए गए हैं। वहीं, कुछ स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए जाल व अन्य की व्यवस्था की गई है जो आधी-अधूरी है। ऐसे में हादसों की आशंका है।
पिंक लाइन के एलिवेटेड स्टेशनों पर लगे पैरापैट का होगा निरीक्षण
दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर गोकुलपुरी स्टेशन पर हुए हादसे के बाद मेट्रो प्रशासन सख्त हो गया है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने शुक्रवार को गोकुलपुरी में हुई घटना के संबंध में सभी संबंधित विभागों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की।
प्रबंध निदेशक ने निर्देश जारी किए कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पिंक लाइन पर सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर लगाए गए पैरापेट का विस्तार से निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्टेशन पर किसी सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है, तो उसे संबंधित स्थलों की स्थिति के आधार पर विस्तृत विधि विवरण बनाने के बाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर स्टेशनों पर कोई सुधारात्मक कार्रवाई की जानी है, तो कार्य करते समय यात्रियों और लोगों को कम से कम असुविधा होनी चाहिए। सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियां पर्याप्त रूप से बरती जानी चाहिए।
सभी लाइनों के स्टेशनों की हुई जांच
गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन हादसे में घायल हुए चारों मरीज जीटीबी अस्पताल से चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि एक मरीज की हालत गंभीर थी। उसकी सर्जरी होनी थी, लेकिन उसने जीटीबी अस्पताल में सर्जरी करवाने से मना कर दिया। इसके अलावा दो अन्य मरीज भी अपनी मर्जी से चले गए। वे कम घायल थे, जबकि चौथे मरीज की अस्पताल से छुट्टी हो गई है।