गाजियाबाद में मुआवजे की मांग को लेकर 230 दिनों से सीबीआई एकेडमी के पीछे खेतों में धरने पर बैठे चार गांवों के किसानों का गुस्सा सोमवार को उग्र हो गया।
किसानों ने मांगे नहीं माने जाने पर रईसपुर गांव स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर हंगामा किया। आंदोलन में महिलाएं और युवा भी शामिल हुए।
हंगामे की सूचना पर सीओ सेकेंड, एसएचओ पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचे। शाम को एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सेकेंड से मिले आश्वासन के बाद किसान टंकी से नीचे उतरे।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि रजापुर, रईसपुर, हरसांव और सिहानी गांव के किसान साढ़े सात माह से मुआवजे के लिए धरना दे रहे हैं।
2002 में सुप्रीम कोर्ट ने 84 रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा देने के निर्देश दिए थे, लेकिन सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारी मामले को खींच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से सात दिसंबर को डीएम को प्रधानमंत्री से बात कराने के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था।
साथ ही एक सप्ताह में मांग पूरी न होने पर पानी की टंकी पर चढ़कर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। पार्षद हरीश चौधरी ने बताया कि एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सेकेंड ने दिल्ली में शहरी विकास मंत्री के साथ वार्ता का आश्वासन दिया। बिजेंद्र सिंह, सुधीर चौधरी, हरेंद्र नेहरा, ओमकार, संदीप चौधरी, किशनु यादव मौजूद रहे।