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टीकरी बॉर्डर पर पंजाब की पांच व हरियाणा की 6 महिलाओं ने किया अनशन, संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक कल

Fri, 25 Dec 2020 09:12 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
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टीकरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में शुक्रवार को पंजाब व हरियाणा की महिलाओं ने 24 घंटे का अनशन कर  आंदोनल को और मजबूत किया। महिलाओं में कुछ बुजुर्ग महिलाएं भी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत रही जिनके चेहरे की झुर्रियां उनके हौसलें के आगे फीकी लग रही थी।

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मंच के नजदीक सुबह से ही किसानों का जमघट लग गया था। पंजाब और हरियाणा से महिलाएं आंदोलन में शामिल होने सुबह ही पहुंच गई थी। जिसके बाद महिलाओं ने मंच से हुंकार भरना शुरू कर दिया था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले सभी अनशनरत महिलाओं को माला पहनाकर सम्मानित किया गया था जिसके बाद महिलाएं मंच पर ही बैठ गई थी। 

मंच पर बैठी महिलाओं का कहना था कि यह आंदोलन सिर्फ पुरूष किसानों का नहीं है बल्कि महिलाएं भी उनके साथ हैं। किसानों के समर्थन में महिलाओं ने आंदोनल को धार देने का निश्चय किया है। इसलिए अब बारी-बारी से किसानों के साथ महिलाएं भी अनशन पर रहेंगी। वहीं, मंच संचालन की जिम्मेदारी में शामिल कुलवंत सिंह ने बताया कि इसके बाद शनिवार को अब पुरुष पूरा दिन अनशन पर बैठेंगे।
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दिनभर चलता रहा ट्रैक्टरों का प्रदर्शन
टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को दिनभर ट्रैक्टरों का प्रदर्शन चलता रहा। अपने साथ ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसानों ने देशभक्ति गीतों के साथ रैली निकाल ट्रैक्टरों का प्रदर्शन किया। इसमें सबसे आकर्षण का केंद्र महिंद्रा युवो रहा जिसे हरियाणा से खाप द्वारा विशेष रूप से मॉडिफाई करा लाया गया है। इस ट्रैक्टर में आगे और पीछे दोपहिया लगाए गए हैं। साथ ही एक विशेष ट्रॉली को भी बनाया गया है जिसमें बस की तर्ज पर सीटों की व्यवस्था की गई है। कुछ लोगों का  जत्था इस ट्रैक्टर और ट्रॉली के पास दिनभर सेल्फी के लिए जुटा रहा। 

प्रदर्शन में शामिल महिलाएं

  • दर्शन कौर-सिरसा
  • हरकीत कौर-सिरसा
  • निर्मला रानी-हरियाणा
  • स्वदेश गोयल-हिसार
  • बलजीत कौर-हिसार
  • परमजीत कौर-पंजाब
  • जगरूप कौर-पंजाब
  • गुरमीत कौर-पंजाब
  • शिबित्रा-पंजाब
  • लक्ष्मी-सिरसा
  • निर्ज- पंजाब 
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किसानों ने 72 घंटे के लिए करवाए हरियाणा के टोल प्लाजा फ्री

संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि किसानों ने शुक्रवार को हरियाणा के सभी टोल प्लाजा को फ्री करवाया। दिल्ली के सीमावर्ती बादली बॉर्डर, बहादुरगढ़, मुरथल समेत सभी टोल 72 घंटे के लिए फ्री कर दिए गए हैं। हालांकि इस दौरान आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिह चढूनी ने कहा कि सभी टोल प्लाजा फ्री करवाए गए। आगे भी दो दिनों के लिए ऐसा ही रहेगा।

ढासा बॉर्डर पर किसानों ने बादली बॉर्डर को फ्री करवाया जबकि हरियाणा के आसपास के शहरों के टोल भी करवाए गए। टोल फ्री करवाए जाने से अलग अलग मार्गों से दूसरे शहरों की ओर रुख करने वाले लोगों की चिंता सताती रही कि आवागमन में कहीं कोई बाधा न हो। किसान नेताओं ने स्पष्ट कर किया कि हमारा उद्देश्य आम लोगों को तकलीफ पहुंचाना नहीं है बल्कि सरकार और कॉरपोरेट्स को किसानों की समस्या से अवगत कराना है।

वार्ता के बाद किसानों का रुख होगा साफ
आंदोलनकारी किसानों को केंद्र सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद सभी किसान संगठनों के बीच आपसी चर्चाओं का दौर जारी है। किसान अभी भी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं। एमएसपी पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन को कानून का रूप देने की भी किसानों की मांग है। शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के किसान संगठनों की बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। वहीं, शनिवार को देश भर के किसान संगठनों की बैठक के बाद ही सरकार से वार्ता पर किसानों का रुख साफ होगा।

इससे पहले किसानों की सरकार के साथ वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन बेनतीजा रहीं। एक महीने से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून की मांग पर किसान डटे हुए हैं। सरकार की ओर से अब तक वार्ता के लिए की गई सिफारिशों को किसानों ने यह कहकर खारिज कर कि कानूनों को निरस्त करने से पहले बातचीत के लिए राजी नहीं हैं। 

चिट्ठी मिलने से पहले किसानों ने एक दिन पहले कहा था कि किसान संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। पहले भी जा चुके हैं और आगे भी अगर सरकार खुले मन और इस समस्या के समाधान के लिहाज से विचार करती है तो वार्ता हो सकती है। नई चिट्ठी के बारे में किसानों का कहना है कि सरकार जब एमएसपी के लिए लिखित गारंटी दे सकती है तो कानून बनाने में क्या परेशानी है। तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग किसान अभी भी अड़े हुए हैं। 

संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में वार्ता पर होगा फैसला
अलग अलग राज्यों की बैठक के बाद शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में पंजाब सहित देश के सभी किसान संगठनों के प्रमुख होंगे। इस बैठक में सरकार की ओर से बातचीत के लिए भेजे पत्र के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद ही वार्ता पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 
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