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हाईअलर्टः संभलकर निकलें आज, किसानों के कब्जे में रहेंगे हाईवे-एक्सप्रेसवे

Fri, 25 Sep 2020 10:02 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

- प्रशासन ने माना, टकराव व यातायात बाधित होने की प्रबल संभावना 
- अलर्ट जारी कर आठ मजिस्ट्रेट और आठ सीओ स्तर के अधिकारियों की लगाई ड्यूटी 
- पुलिस व प्रशासनिक  अधिकारियों को सड़कों पर रहने के निर्देश 
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रावता गांव में किसानों का प्रदर्शन, नजफगढ़ - फोटो : शुभम बंसल
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विस्तार
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आप आज (शुक्रवार) दफ्तर या अन्य किसी अन्य काम से बाहर जा रहे हैं तो थोड़ा संभल कर निकलें। कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान चक्का जाम कर कर्फ्यू लगाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत अन्य किसान संगठन धरने को समर्थन दे रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में किसानों के नेशनल हाईवे व एक्सप्रेसवे पर आने की संभावना है।

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प्रशासन ने भी माना है कि किसानों के सड़कों पर उतरने की वजह से यातायात बाधित होने के साथ ही टकराव की संभावना है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई है और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सड़कों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उधर, भाकियू की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है कि किसानों के समर्थन में मजबूत तरीके से आंदोलन करेंगे। जिले से गुजरने वाले किसी भी नेशनल व राज्य हाईवे से वाहनों को नहीं गुजरने दिया जाएगा। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजबीर सिंह ने कहा कि आंदोलन किसी आम आदमी को परेशान करने के लिए नहीं है।
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बल्कि लाचार किसानों की हक की लड़ाई का है जो शहरों में रहने वाले लोगों को भर पेट अनाज उपलब्ध कराने के लिए हर मौसम में दिन रात मेहनत करते हैं। इसलिए किसानों के साथ श्रमिक व अन्य लोगों से अपील है कि आंदोलन को समर्थन दें।

उधर, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, मंडोला आवासीय योजना और वेवसिटी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी चक्का जाम को समर्थन देने का एलान किया है। इसके साथ ही कई राजनीतिक दलों ने भी भाकियू की अगुवाई में हो रहे चक्का जाम को समर्थन दिया है।

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इन सड़कों पर संभल कर निकलें

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हापुड़ रोड, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, लोनी-दिल्ली मार्ग, दिल्ली-मेरठ मार्ग और यूपी बॉर्डर से नोएडा दिल्ली जाने वाले वाहन चालक संभल कर निकलें। भाकियू व किसान संगठनों ने इन्हीं मार्गों पर चक्का जाम की योजना बनाई है।

आठ मजिस्ट्रेट, सीओ स्तर के अधिकारी तैनात 
बृहस्पतिवार शाम को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय की तरफ से आठ मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाते हुए आदेश जारी किया गया। पत्र में लिखा गया कि भाकियू (टिकैत गुट), किसान मजदूर संघर्ष समन्वय समिति आदि विभिन्न संगठनों की तरफ से शुक्रवार को विभिन्न जनपदों के राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख सड़कों पर चक्का जाम करते हुए जनता कर्फ्यू की घोषणा की गई है। विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा भी प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से समर्थन देने की बात कही गई है। इस दौरान किसानों की तरफ से उग्र प्रदर्शन की स्थिति में यातायात बाधित होने के साथ ही टकराव होने की प्रबल संभावना है।

किसान मुख्य मार्गों से होते हुए जंतर मंतर व पार्लियामेंट तक पहुंचने का भी प्रयास कर सकते हैं, इसलिए संबंधित मजिस्ट्रेट व सीओ अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखें। इसके साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जीडीए सचिव संतोष राय, एसपी क्राइम के साथ पूरा मोदीनगर क्षेत्र देखेंगे। एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह व एसपी सिटी पूरा शहरी क्षेत्र, एसपी देहात नीरज कुमार जादौन व एडीएम प्रशासन संतोष कुमार वैश्य पूरे ग्रामीण क्षेत्र को देखेंगे। 

 265 किसान व श्रमिक संगठन आंदोलन में साथ आए हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक दल भी समर्थन दे रहे हैं। सभी की तरफ से चक्का जाम की जगह चिन्हित कर ली गई हैं। सभी संगठन किसानों के हक को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम करेंगे। - राजबीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू 

 

सरकार ने किसानों को बर्बाद करने और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए तीन विधायक पास किए हैं। पूरे देश का किसान अब सरकार के इन विधेयकों के खिलाफ खड़ा है। हमारी लड़ाई किसानों के हित में जारी रहेगी। आंदोलन को संगठन का पूरा समर्थन है। - मनोज नागर, प्रवक्ता भाकियू भानु 

 

सरकार को किसानों का दुख दर्द दिखाई नहीं देता। एक-एक करके ऐसे कानून लाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को खत्म किया जा सके। मंडोला में किसान लंबे समय से धरने पर हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है। इसलिए संगठन शुक्रवार को होने वाले आंदोलन के साथ खड़ा है। - नीरज त्यागी, संयोजक, किसान सत्याग्रह आंदोलन

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