दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हापुड़ रोड, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, लोनी-दिल्ली मार्ग, दिल्ली-मेरठ मार्ग और यूपी बॉर्डर से नोएडा दिल्ली जाने वाले वाहन चालक संभल कर निकलें। भाकियू व किसान संगठनों ने इन्हीं मार्गों पर चक्का जाम की योजना बनाई है।
आठ मजिस्ट्रेट, सीओ स्तर के अधिकारी तैनात
बृहस्पतिवार शाम को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय की तरफ से आठ मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाते हुए आदेश जारी किया गया। पत्र में लिखा गया कि भाकियू (टिकैत गुट), किसान मजदूर संघर्ष समन्वय समिति आदि विभिन्न संगठनों की तरफ से शुक्रवार को विभिन्न जनपदों के राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख सड़कों पर चक्का जाम करते हुए जनता कर्फ्यू की घोषणा की गई है। विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा भी प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से समर्थन देने की बात कही गई है। इस दौरान किसानों की तरफ से उग्र प्रदर्शन की स्थिति में यातायात बाधित होने के साथ ही टकराव होने की प्रबल संभावना है।
किसान मुख्य मार्गों से होते हुए जंतर मंतर व पार्लियामेंट तक पहुंचने का भी प्रयास कर सकते हैं, इसलिए संबंधित मजिस्ट्रेट व सीओ अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखें। इसके साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जीडीए सचिव संतोष राय, एसपी क्राइम के साथ पूरा मोदीनगर क्षेत्र देखेंगे। एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह व एसपी सिटी पूरा शहरी क्षेत्र, एसपी देहात नीरज कुमार जादौन व एडीएम प्रशासन संतोष कुमार वैश्य पूरे ग्रामीण क्षेत्र को देखेंगे।
265 किसान व श्रमिक संगठन आंदोलन में साथ आए हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक दल भी समर्थन दे रहे हैं। सभी की तरफ से चक्का जाम की जगह चिन्हित कर ली गई हैं। सभी संगठन किसानों के हक को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम करेंगे। - राजबीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
सरकार ने किसानों को बर्बाद करने और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए तीन विधायक पास किए हैं। पूरे देश का किसान अब सरकार के इन विधेयकों के खिलाफ खड़ा है। हमारी लड़ाई किसानों के हित में जारी रहेगी। आंदोलन को संगठन का पूरा समर्थन है। - मनोज नागर, प्रवक्ता भाकियू भानु
सरकार को किसानों का दुख दर्द दिखाई नहीं देता। एक-एक करके ऐसे कानून लाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को खत्म किया जा सके। मंडोला में किसान लंबे समय से धरने पर हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है। इसलिए संगठन शुक्रवार को होने वाले आंदोलन के साथ खड़ा है। - नीरज त्यागी, संयोजक, किसान सत्याग्रह आंदोलन