जानकारी के अनुसार, आदर्श नगर निवासी मोनू को करीब दो सप्ताह पहले एक लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उसने एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया और न ही चिकित्सकीय उपचार कराया। सोमवार रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि कार चलाते समय उसकी हालत खराब होने लगी, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गया।
अस्पताल पहुंचे युवक में पानी देखकर घबराहट, लोगों से दूर रहने की कोशिश और अत्यधिक चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण दिखाई दिए, जिन्हें डॉक्टरों ने रेबीज के संभावित संकेत माना। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल दिल्ली के उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया।
बीके अस्पताल के चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते, बंदर या किसी भी संदिग्ध जानवर के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं तथा बिना देरी किए एंटी-रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर इम्यूनोग्लोब्युलिन अवश्य लगवाएं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर रेबीज जानलेवा साबित हो सकता है।