कर्मचारियों पर डराने धमकाने का लगाया आरोप, थाने में मुकदमा दर्ज करवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-88 स्थित निजी प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पर रविवार को डब्ल्यूटीसी के निवेशकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान निवेशकों का आरोप है कि उनके प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पर पहले से खड़े कर्मचारी उन्हें डराने धमकाने लगे। इस कारण दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। निवेशकों ने विरोध प्रदर्शन करते कहा कि डब्ल्यूटीसी उनके पीडीसी (पोस्ट डेटेड चेक) का भुगतान करें। हालांकि, अब निवेशकों ने मिलकर डब्ल्यूटीसी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
निवेशकों ने बताया कि डब्ल्यूटीसी फरीदाबाद इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने गांव दयालपुर में विकसित होने वाले सेक्टर-111 व 114 में दीन दयाल योजना के तहत जमीन का सपना दिखाकर 110 एवं 160 गज के प्लॉट बेचे थे। अधिक से अधिक पैसा एकत्र करने के उद्देश्य से डब्ल्यूटीसी ने क्षेत्रीय प्रॉपर्टी डीलर का सहारा लिया था। इस योजना में करीब 2200 लोगों ने निवेश किया था और तीन साल में प्लॉट देने का वादा किया था। प्लॉट बुकिंग के दौरान डब्ल्यूटीसी ने निवेशकों को ब्याज लगाकर पीडीसी दिया था। दो वर्ष बीतने पर निवेशकों को उनके प्लॉट नहीं मिले तो लोगों ने पोस्ट डेटेड चेक को अपने बैंक खाते में लगाया। उस दौरान पता चला कि डब्ल्यूटीसी ने उन चेक पर पेमेंट पर स्टॉप लगाई हुई है। इसे लेकर लोग लगातार डब्ल्यूटीसी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। अब निवेशकों ने उन प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालयों का घेराव शुरू कर दिया। रविवार को दिल्ली एनसीआर के विभिन्न जिलों से प्रदर्शन करने पहुंचे निवेशकों को प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालयों में पहले से ही मौजूद लोगों ने प्रदर्शन नहीं करने दिया और उन्हें डराने धमकाने लगे।
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वर्जन
डब्ल्यूटीसी अपने निवेशकों के बीच में है और निवेशकों के पैसे लौटाएगा। दीन दयाल योजना के तहत नौ लाइसेंस का आवेदन किया था। मात्र दो ही लाइसेंस मिले। इसके अलावा योजना बंद होने की वजह से हम निवेशकों को प्लॉट देने में असमर्थ हो रहे हैं। हमने एनआईएलपीएल के तहत कई निवेशकों को प्लॉट दिए हैं। वहीं करीब 250 लोगों के लिए भूटानी से सहमति हो गई है। सभी को भुगतान किया जाएगा। इसमें थोड़ा समय लग रहा है।
एमए सैय्यद, सलाहकार, डब्ल्यूटीसी।