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Faridabad News: स्मार्ट सिटी में बिजली लाइनाें को भूमिगत करने का कार्य शुरू

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सेक्टर-17 और 24 में किया जा रहा काम, फाल्ट की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली लाइनों को भूमिगत करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। करीब 2,838 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कार्य के पूरा होने के बाद आंधी और बारिश के दौरान बिजली लाइनों में फाल्ट की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। करीब दो वर्ष के अंदर काम पूरा होने की उम्मीद है।
यह परियोजना केंद्र सरकार की पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत शुरू की गई है। योजना के लिए केंद्र सरकार के अलावा प्रदेश सरकार ने भी अपने हिस्से का बजट दिया है। इसके तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में खुले में बिछी बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। साथ ही बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी काम किया जाएगा।
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इस योजना के तहत बाटा चौक के पास स्थित ए-टू बिजलीघर, सेक्टर-25 स्थित हैदराबाद बिजलीघर, सेक्टर-23 के 66 केवी बिजलीघर, सेक्टर-24 डाबरीवाला, ओसपाल, 220 केवी पाली, धौज, एफसीआई, सेक्टर-58, ओरिएंट स्टील, सेक्टर-46, सेक्टर-21डी, एनआईटी-3, सेक्टर-3 स्थित ए-फाइव, सेक्टर-6 स्थित इदगाह, नॉर्दन इंडिया, प्रताप स्टील, सेक्टर-64, पल्ला, सेक्टर-37, यूएसए, ग्रीनफील्ड, सूरजकुंड, सेक्टर-18 स्थित ए-फोर, सेक्टर-15ए और सेक्टर-13 बिजलीघरों के अंतर्गत आने वाले फीडरों को भूमिगत किया जाएगा।
इसके साथ-साथ बिजली ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि काम पूरा होने पर कंपनी को भुगतान किया जाएगा। इस वजह से काम तय समयसीमा के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। जबकि अन्य परियोजनाओं में काम के चालू रहने के दौरान कुछ हिस्से का भुगतान कर दिया जाता है।
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आंधी-बारिश में बिजली आपूर्ति नहीं होगी प्रभावित
बिजली लाइनों के भूमिगत होने से सबसे बड़ा फायदा बारिश और तेज आंधी के दौरान मिलेगा। फिलहाल कई क्षेत्रों में बिजली के खंभों और तारों पर पेड़ या अन्य सामान गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इससे घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। भूमिगत केबल बिछाए जाने के बाद मौसम की वजह से होने वाले ऐसे फाल्ट में कमी आएगी। इससे बिजली निगम को बार-बार लाइनों की मरम्मत करने की जरूरत भी कम पड़ेगी। उधर, बिजलीघर से लेकर उपभोक्ता के घर तक बिजली आपूर्ति होने तक होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।
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सेक्टर-17 में काम शुरू हुआ
सेक्टर-24 स्थित डाबरीवाला बिजलीघर और ए-फोर बिजलीघर के अंतर्गत सेक्टर-17 में फीडरों को भूमिगत करने का काम शुरू किया गया है। इसके बाद योजना के तहत अन्य बिजलीघरों से जुड़े फीडरों पर भी चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर में बिजली आपूर्ति निर्बाध हो सकेगी। बता दें कि बिजली लाइनों को भूमिगत करने की योजना का प्रस्ताव वर्ष 2023 में तैयार किया गया था। इसके बाद पिछले वर्ष परियोजना के लिए बजट को मंजूरी मिली थी। इस वर्ष मार्च में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी को कार्य आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
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योजना पर एक नजर
60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दी गई है इस योजना के लिए ।
40 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार ने दी है ।
2 दो वर्ष के अंदर पूरा होगा बिजली लाइनों को भूमिगत करने का कार्य।
2,838 करोड़ का बजट खर्च हो रहा है परियोजना पर ।
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बिजली लाइनों को भूमिगत करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बिजली लाइनों के भूमिगत होने से बिजली आपूर्ति निर्बाध हो सकेगी। उम्मीद है कि यह कार्य तय समयसीमा में पूरा हो सकेगा। - विकास मोहन दहिया, अधीक्षण अभियंता, स्मार्ट सिटी, डीएचबीवीएन
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