नमो भारत कॉरिडोर पर एफएमडीए कार्यालय में किया गया मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा को नमो भारत (आरआरटीएस) नेटवर्क से जोड़ने वाली 64 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सेक्टर-12 के एफएमडीए कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सोमवार को आयोजित बैठक में कई मुद्दों पर विस्तार से मंथन हुआ। बैठक में परियोजना की डीपीआर, जमीन की उपलब्धता, निर्माण शुरू करने से पहले जरूरी मंजूरियों, पेयजल और सीवर लाइन समेत अन्य यूटिलिटी को शिफ्ट करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर परियोजना का काम तय समयसीमा के अनुसार शुरू किया जाएगा और निर्धारित लक्ष्य के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में एफएमडीए के चीफ इंजीनियर विशाल बंसल, एचएसवीपी के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
करीब 19390 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को एनसीआर के लिए भविष्य की महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं में माना जा रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक जाएगा। करीब 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में लगभग 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में होगा। बैठक में अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और जहां भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में अड़चनें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने पर जोर दिया।
जमीन और निर्माण से जुड़ी अड़चनों पर चर्चा
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली जमीन और निर्माण से जुड़े मामलों को लेकर हुई। अधिकारियों ने उन स्थानों की स्थिति पर विचार किया जहां परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने या निर्माण से पहले जरूरी कार्रवाई पूरी करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और अन्य प्रशासनिक मंजूरियां लेने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजना के काम में देरी का कारण बनने वाले मामलों को अलग-अलग स्तर पर चिह्नित कर उनका समाधान किया जाएगा। संबंधित विभागों के बीच समन्वय के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि एक विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के इंतजार में दूसरे विभाग का काम प्रभावित न हो।
पेयजल, सीवर और बिजली की लाइनें होंगी शिफ्ट
कॉरिडोर के निर्माण के दौरान कई स्थानों पर मौजूदा सेवाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करना होगा। बैठक में पेयजल लाइन, सीवर लाइन और बिजली की लाइनों समेत अन्य यूटिलिटी की शिफ्टिंग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने माना कि निर्माण शुरू होने के बाद इन सेवाओं के कारण किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि संबंधित विभाग यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम आपसी समन्वय से पूरा करेंगे। इससे निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बार-बार सड़क खोदने या अन्य तकनीकी अड़चनों से बचा जा सकेगा। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े सभी कामों को आपस में जोड़कर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
फरीदाबाद में तीन प्रमुख स्टेशन होंगे
प्रस्तावित कॉरिडोर में फरीदाबाद के लिए सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और सेक्टर-87/88 चौक पर प्रमुख नमो भारत स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन स्टेशनों के बनने से शहर के पुराने और नए विकसित क्षेत्रों के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। बैठक में फरीदाबाद से जुड़े हिस्से की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर पिछले दिनों नगर निगम की कार्रवाई भी चर्चा में रही। नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में 600 से अधिक अवैध निर्माण हटाए जाने के बाद वहां स्लिप रोड बनाई गई है। इससे सैनिक कॉलोनी चौक पर यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। साथ ही प्रस्तावित डबल फ्लाईओवर के निर्माण के लिए भी रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
2031 तक पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में परियोजना की समयसीमा को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न विभाग अपने हिस्से के काम को समय पर पूरा करें, ताकि पूरी परियोजना की गति प्रभावित न हो। तय लक्ष्य के अनुसार परियोजना को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2031 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू करने के साथ इसे तय समयसीमा में पूरा करने के लिए सभी स्तरों पर लगातार निगरानी की जाएगी।
एनसीआर के लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
नमो भारत कॉरिडोर के बनने के बाद फरीदाबाद, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। इससे सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। फरीदाबाद के लोगों के लिए गुरुग्राम और नोएडा-ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। प्रस्तावित नेटवर्क के जरिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक भी पहुंच आसान होने की संभावना है।
अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन आसान होने के साथ रोजगार, उद्योग और कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। अब बैठक में बनी सहमति के अनुसार लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करना अगली बड़ी चुनौती होगी। अधिकारियों के स्तर पर लगातार समीक्षा और विभागों के बीच बेहतर तालमेल को परियोजना को समय पर पूरा करने की कुंजी माना जा रहा है।