अक्तूबर 2024 में निरीक्षण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग से नहीं मिला अनुमति पत्र
हेमलता रावत
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में बने इन विट्रो फर्टिलाइजेशन सेंटर (आईवीएफ) को अभी तक अनुमति पत्र नहीं मिला हैं। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से अक्तूबर 2024 में निरीक्षण किया गया था। सभी नियमों को पूरा करने के बाद भी महिलाओं के मां बनने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसी वजह से महिलाओं को आईवीएफ के लिए दिल्ली रेफर किया जा रहा है। यह दिल्ली एनसीआर में दूसरा अस्पताल होगा, जहां आईवीएफ सेंटर शुरू किया जाएगा।
अस्पताल में आईवीएफ सेंटर को बने हुए करीब तीन साल हो गए हैं। इस सेंटर में महिला व पुरुष दोनों का उपचार होगा। इसमें आधुनिक तकनीक के उपकरणों का प्रयोग कर उपचार किया जाएगा। इसमें लेजर तकनीक से महिलाओं का उपचार किया जाएगा। जिसके लिए मरीजों को बाहर लाखों रुपये देने होते हैं। वहीं बीमाकृत व्यक्तियों को यह सुविधा अस्पताल में फ्री में मिलेगी।
एक साल पहले टीम ने किया था निरीक्षण
पूर्व डीन डॉ. ए के पांडे के अनुसार अक्तूबर 2024 में सेंटर का निरीक्षण करने के लिए टीम आई थी। टीम में चेयरपर्सन एडीसी के साथ सीएमओ वाइस चेयरपर्सन, पीएनडीटी के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी सचिव, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला रोग विशेषज्ञ तथा जिला न्यायवादी बतौर सदस्य शामिल हुए थे। उस दौरान टीम को सेंटर में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं मिली थी। उसके बावजूद एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक अनुमति पत्र पत्र नहीं मिला हैं। -
दिल्ली -एनसीआर में दूसरा सेंटर होगा
दिल्ली-एनसीआर में ईएसआई कारपोरेशन का यह दूसरा सेंटर होगा। जहां आईवीएफ सेंटर की सुविधा मिलेगी। पहला सेंटर बसई दारापुर पीजी इंस्टीट्यूट, दिल्ली में चल रहा है। मगर वहां आईवीएफ के ज्यादा केस आने पर महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। लगभग पांच वर्ष पहले हिसार निवासी एक महिला को आईवीएफ के मामले में फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। यहां से महिला को दिल्ली के एम्स में रेफर कर दिया गया था।
टीम ने निरीक्षण के बाद निदेशालय को रिपोर्ट सौंप दी थी। उसके बावजूद अभी तक अनुमति पत्र नहीं मिला है। उनकी ओर से कई बार निदेशालय से संपर्क किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। - डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय , डीन