बीके अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक बोले-कमजोरी, चक्कर, डिहाइड्रेशन की हो सकती है समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र में बड़ी संख्या में महिलाएं नौ दिन तक उपवास रखती हैं। कई महिलाएं इस दौरान पूरे दिन बिना भोजन के रहती हैं और कुछ नमक का सेवन भी पूरी तरह बंद कर देती हैं। चिकित्सकों के अनुसार, लगातार कई दिनों तक खानपान में पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थ नहीं लेने से कमजोरी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर कम होने जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में महिलाएं बीमार भी पड़ सकती हैं।
बीके अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश गुप्ता का कहना है कि उपवास के दौरान महिलाएं केवल आराम नहीं करतीं, बल्कि घर के रोजमर्रा के काम भी करती रहती हैं। ऐसे में शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पानी नहीं मिलने से थकान और कमजोरी बढ़ सकती है। वहीं, जो महिलाएं अपने छोटे बच्चों को स्तनपान कराती हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबे समय तक भूखे रहने और कम तरल पदार्थ लेने से मां के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
चिकित्सक के अनुसार, जिन महिलाओं को पहले से डायबिटीज, लो या हाई ब्लड प्रेशर, एनीमिया या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के लगातार नौ दिन का उपवास नहीं रखना चाहिए। दवाएं लेने वाली महिलाओं को भी उपवास के दौरान दवा और खानपान के समय में बदलाव डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
नींबू पानी, नारियल पानी या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ लें
डॉ. योगेश ने बताया कि उपवास रखने वाली महिलाएं पर्याप्त पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ लेती रहें। फल, दूध, दही, मखाना, सूखे मेवे और अन्य पौष्टिक व्रत सामग्री को आहार में शामिल किया जा सकता है। कमजोरी, लगातार चक्कर, अत्यधिक प्यास या बेहोशी जैसी स्थिति होने पर उपवास जारी रखने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।