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Faridabad News: केंद्रीय मंत्रालयों में पद दिलाने के नाम पर महिला से 1.75 करोड़ की ठगी

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गृह मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय से जुड़ाव का दावा कर पार्टी फंड के नाम पर नकदी लेने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। केंद्र सरकार के मंत्रालयों में पद दिलाने, सरकारी आयोग में राष्ट्रीय स्तर का पद देने और पार्टी फंड के नाम पर करीब 1.75 करोड़ रुपये की कथित ठगी, ब्लैकमेल, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। गुरुग्राम निवासी महिला की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच के बाद सूरजकुंड थाना पुलिस ने ग्रीनफील्ड कॉलोनी निवासी शैलेश गर्ग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 75 और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


प्राथमिकी के अनुसार, गुरुग्राम सेक्टर-86 निवासी महिला की वर्ष 2025 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान शैलेश गर्ग से मुलाकात हुई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), गृह मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय से जुड़ा बताते हुए सरकारी स्तर पर प्रभावशाली पहुंच होने का दावा किया। उसने भारत सरकार लिखी फॉर्च्यूनर कार, कथित सरकारी सुरक्षा कर्मी और सूरजकुंड स्थित सरोवर पोर्टिको में कार्यालय दिखाकर विश्वास कायम किया। आरोपी ने महिला की मुलाकात कई लोगों और एक केंद्रीय मंत्री से भी कराई, जिससे उसे सरकारी व्यवस्था का हिस्सा होने का भरोसा हो गया।
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शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने पहले गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये पार्टी फंड के रूप में मांगे। इसके बाद पर्यावरण आयोग में भारत स्तर पर वाइस चेयरमैन बनाने, सरकारी प्रोटोकॉल, सुरक्षा, आवास, वाहन और बड़े सरकारी प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 70 लाख, 50 लाख और 30 लाख रुपये नकद सहित कुल करीब 1.75 करोड़ रुपये लिए। आरोपी ने प्रत्येक भुगतान की रसीद देने और नियुक्ति पत्र जारी करने का आश्वासन दिया लेकिन न तो कोई रसीद दी और न ही कोई नियुक्ति हुई।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने यशोभूमि के सामने कथित सरकारी कार्यालय दिखाकर वहां तीन लाख रुपये का फर्नीचर भी लगवा लिया। बाद में उसे विभिन्न अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से मिलवाकर अपने दावों पर विश्वास बनाए रखा। जब महिला को संदेह हुआ और उसने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दो मार्च 2026 को अनंगपुर स्थित फार्म हाउस पर समझौते और रुपये लौटाने का झांसा देकर बुलाया गया, जहां आरोपी ने कार में बैठकर अभद्रता, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी अभद्र व्यवहार किया। वहां मौजूद कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर उसे बाहर निकाला। महिला ने आरोप लगाया है कि बाद में पता चला कि आरोपी का कथित आयोग केंद्र सरकार से संबद्ध नहीं, बल्कि एक निजी ट्रस्ट था। इसके बावजूद वह राष्ट्रीय प्रतीक, मंत्रालयों और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को झांसा देता रहा। शिकायत में कुछ अन्य लोगों से भी पद दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी के साथ चार से पांच गनमैन और एक सरकारी वर्दी थी।
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पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, शिकायत 25 जून को आर्थिक अपराध शाखा को दी गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की गई। इसके आधार पर 14 जुलाई को सूरजकुंड थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच आर्थिक अपराध शाखा एनआईटी को सौंप दी गई है। पुलिस वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है।
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