चेक डैम और तालाब के लिए गांव पाली में चल रहा निर्माण। स्रोत: ग्रामीण
परियोजना पर एक करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है काम, अप्रैल के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली के वन्यजीवों को अब भीषण गर्मी में पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा। वन विभाग द्वारा अरावली वन क्षेत्र में बारिश के पानी को सहेजने के लिए एक विशाल चेक डैम और तालाब का निर्माण किया जा रहा है। गांव पाली के पास बन रहे इस प्रोजेक्ट से न केवल तेंदुए, नीलगाय और हिरण जैसे जीवों को सालभर पानी मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के गिरते भू-जल स्तर में भी सुधार होगा।
जिला वन अधिकारी झलकार उयके ने बताया कि इस परियोजना पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत आ रही है। तालाब की लंबाई 70 मीटर, चौड़ाई 46 मीटर और गहराई 4 मीटर रखी गई है। वर्तमान में चेक डैम और तालाब का लगभग 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि अप्रैल के अंत तक इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाए ताकि आने वाले मानसून का पानी इसमें स्टोर किया जा सके।
अरावली की तलहटी में बसे पाली गांव के लिए यह योजना संजीवनी साबित होगी। दरअसल, मानसून के दौरान पहाड़ी से आने वाला पानी गांव की गलियों और सड़कों पर जलभराव कर देता था। करीब 10 साल पहले यहां चेक डैम बनाने की योजना बनी थी, लेकिन किन्हीं अड़चनों के कारण काम शुरू नहीं हो सका। अब इस पुरानी योजना को सिरे चढ़ाया जा रहा है, जिससे गर्मी के दिनों में पहाड़ियों में तपिश बढ़ने पर वन्यजीव पानी की तलाश में अक्सर रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। कुछ महीने पहले ही पानी की तलाश में सड़क पार करते समय एक तेंदुए की हादसे में मौत हो गई थी। इस तालाब के बनने से वन्यजीवों को जंगल के भीतर ही पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही विभाग वन क्षेत्र में मौजूद अन्य प्राकृतिक तालाबों की सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य भी करा रहा है, ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके।