अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बढ़ती पेयजल की मांग और किल्लत को दूर करने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने नई जलापूर्ति परियोजना तैयार की है। मास्टर वाटर सप्लाई स्कीम के तहत करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से डीआई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। सेक्टर-25 बूस्टिंग स्टेशन से बाजड़ी, गाजीपुर और नंगला गुजरान स्थित आईबीएस तक तथा मंझावली एमबीएस से डबुआ आईबीएस, बड़खल एसबीएस और बोध विहार समेत अन्य क्षेत्रों तक पाइप लाइन बिछाने की योजना है। प्राधिकरण ने काम को 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इन इलाकों में होगा फायदा
नई पाइप लाइन बिछने से बाजड़ी, गाजीपुर, नंगला गुजरान, डबुआ, बड़खल और बोध विहार समेत कई क्षेत्रों में जलापूर्ति नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है। गर्मियों में मांग बढ़ने पर जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है, वहां मुख्य लाइन की क्षमता बढ़ने से राहत मिल सकती है।
120 एमएलडी पानी की किल्लत
शहर में करीब 450 एमएलडी पानी की मांग है, जबकि लगभग 330 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है यानी मांग और उपलब्धता के बीच करीब 120 एमएलडी का अंतर है। आबादी और नए सेक्टरों के विस्तार के साथ पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल पाइप लाइन का विस्तार ही नहीं, बल्कि पानी के वैकल्पिक स्रोत विकसित करना भी जरूरी है। इसी को देखते हुए और जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक गांव में पांच जलाशय बनाए जाने हैं। इसके अलावा 50 सामुदायिक केंद्रों और करीब 300 पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने की तैयारी है। इससे बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सकती है।
1690 ट्यूबवेल से आपूर्ति, 200 हो चुके खराब
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था एफएमडीए और नगर निगम मिलकर संभाल रहे हैं। नगर निगम की ओर से करीब 1690 ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इनमें से करीब 200 ट्यूबवेल पानी की कमी के कारण खराब हो चुके हैं। कई क्षेत्रों में भूजल स्तर 500 फीट से नीचे पहुंच चुका है। ऐसे में भूजल पर निर्भरता कम करना बड़ी चुनौती है।
सेक्टर-25 में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नई पाइप लाइन बिछाने की तैयारी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी और लोगों को पेयजल की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
- अंकित भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए