ग्रामीणों ने के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री से की मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव सोतई में नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे गार्बेज कलेक्शन एवं रीसाइक्लिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर से मिला। लोगों की आपत्तियों के बीच कृष्ण पाल गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि आबादी के निकट इस प्रकार का केंद्र स्थापित नहीं किया जाएगा और इसके लिए अन्य उपयुक्त विकल्प तलाशे जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए प्रस्तावित परियोजना को गांव से दूर स्थानांतरित करने की मांग रखी।
ग्रामीणों ने बताया कि सोतई तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है और भविष्य में दिल्ली-एनसीआर का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बनने जा रहा है। उनका कहना था कि आबादी के समीप गार्बेज कलेक्शन एवं रीसाइक्लिंग सेंटर बनने से पर्यावरण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वे कचरा प्रबंधन व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि ऐसी परियोजनाएं आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थापित हों।
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि शहर की सुंदरता, पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सोतई के साथ-साथ फिरोजपुर और सेक्टर-56 में संचालित या प्रस्तावित गार्बेज सेंटर भी आबादी से कम से कम पांच किलोमीटर दूर होने चाहिए तथा वहां आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण और रीसाइक्लिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आधुनिक कचरा प्रबंधन आवश्यक है, लेकिन विकास कार्य स्थानीय लोगों की भावनाओं और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर ही किए जाने चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस मुद्दे पर संबंधित विभागों और अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर जनहित में व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, प्रभावी कचरा प्रबंधन और आमजन के हितों के बीच संतुलन बना रहे।