फरीदाबाद। गांव भैंसरावली में हुई दस वर्षीय मासूम की हत्या मामले में क्राइम ब्रांच ने यक्ष (10) की मां को आरोपी मानते हुए दो दिन के रिमांड के बाद बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने उसे एक दिन के रिमांड लिया था, लेकिन सबूत पुख्ता नहीं होने पर एक दिन की रिमांड अवधि बढ़वा ली गई थी।
बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच ने मृतक यक्ष के दादा लच्छीराम से भी कई घंटे तक पूछताछ की। पुलिस को उनके कुछ बयान संदेहजनक लग रहे थे। जांच के बाद उन्हें जाने दिया गया। पुलिस जांच के दौरान आरोपी महिला ने बताया कि उसके पति राकेश के कारोबार में घाटा हो रहा था। इसको लेकर रानी रंजन तनाव में रहती थी। कारोबार को संभालने के लिए राकेश अक्सर गुरुग्राम में ही रहता था। हत्या के दिन भी वह गुरुग्राम में ही था। रानी अपने तनाव के चलते मानसिक रूप से परेशान थी। वह बच्चों को मारकर आत्महत्या करना चाहती थी।
खुद को मारने के लिए ऑलआउट पी लिया था
सूत्रों के मुताबिक वह दोनों बेटों को मारना चाहती थी। वारदात से दो दिन पहले उसने गूगल पर हत्या करने के कई तरीके सर्च किए थे। रात करीब साढ़े दस बजे उसने अपने दुपट्टे से यक्ष का गला घोट दिया। गला घोटने के कारण उसकी आवाज नहीं निकल सकी। उसके मरने के बाद रानी काफी डर गई, इसलिए उसने छोटे बेटे मनन (8) को मारने का ख्याल दिमाग से निकाल दिया और खुद को मारने के लिए कमरे में रखा ऑलआउट पी लिया। उसे लगा कि इससे वह मर जाएगी, लेकिन वह कुछ देर के लिए बेहोश होने के बाद बच गई। सुबह करीब चार बजे जब उसे होश आया तो उसने एक कहानी बना दी। उसने अपने कुछ गहने घर में ही छिपा दिए ताकि मामला बदमाशों द्वारा लूटपाट का दिखाया जा सके। इसके बाद वह नीचे गई और घर के बाकी सदस्यों को एक मनगढ़त कहानी सुना दी। जिसमें उसने बताया कि रात करीब साढ़े नौ बजे उसके कमरे में दो नकाबपोश आए और उसके बेटे को मार कर चले गए। विरोध करने पर बदमाशों ने उसे कीटनाशक पिला दिया। कहानी को सच मानकर मृतक यक्ष के दादा लच्छीराम ने थाना तिगांव में मामले की शिकायत दर्ज करा दी।
गूगल हिस्ट्री ने खोल दिया रात का राज
पुलिस ने इस केस में कई दिनों तक आसपास के लोगों से पूछताछ की। घर के आसपास के मोबाइल लोकेशन भी जांच किए। घटना के अगले दिन भी जांच के लिए गई पुलिस टीम को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि बाहर से कोई घर में दाखिल हुआ है। तकनीकी सहायता के लिए पुलिस ने रानी रंजन की कॉल डिटेल भी निकाली, लेकिन उसमें भी कुछ हाथ नहीं आया। आखिर में पुलिस ने रानी की गूगल हिस्ट्री को जांचा। यहां आकर मामला खुलता चला गया। रानी ने वारदात से दो दिन पहले हत्या के तरीकों को सर्च किया था, जिसमें वह फंस गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
घर से ही बरामद हो गए गहने
रानी द्वारा बनाई गई मनगढ़त कहानी पर पुलिस को पहले दिन से ही शक था। शक और ज्यादा उस समय गहरा गया जब रानी ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि आरोपी उसके कुछ आभूषण ले गए। वहीं, रानी के शरीर पर छीना झपटी के निशान नहीं थे और ना ही घर में कोई सामान बिखरा मिला। कमरे में कुंडी होने के बावजूद रानी का कहना था कि उसे याद नहीं है कि उसने दरवाजा बंद किया था कि नहीं। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने रानी की निशानदेही पर कमरे में रखे बेड के पीछे से उसके आभूषण बरामद कर लिए हैं इसके साथ ही पुलिस ने रानी का मोबाइल, हत्या में इस्तेमाल हुआ दुपट्टा, रानी के कपड़े व अन्य सामान बरामद कर लिया है।