फरीदाबाद (रणजीत मिश्रा)। किसी मुसीबत या दुर्घटना के समय पुलिस की मदद मांगने के लिए अपने मोबाइल फोन से पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 100 या 112 डायल कर रहे हैं तो कृपया कॉलर ट्यून में लगे दिशा निर्देशों को जरूर सुनें। फोन मिलते ही आपसे पुलिस मदद के लिए अंक एक दबाने का आग्रह किया जाएगा। इसे अनसुना करने पर आपकी फोन कॉल कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मियों के पास नहीं पहुंच पाएगी।
दरअसल, फरीदाबाद पुलिस कंट्रोल रूम को आधुनिक बना दिया गया है। यहां आने वाली हर एक कॉल को रिकॉर्ड किया जाता है। अनचाही कॉल को कंट्रोल रूम में पहुंचने से रोकने के लिए मुख्य लाइन में वॉइस लॉगर लगाया गया है। इसकी सहायता से अनचाही कॉल कंट्रोल रूम में पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर दी जाती है।
कई बार ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जिनमें लोग मदद के लिए कंट्रोल रूम को फोन करते हैं लेकिन कॉलर ट्यून में सुनाई देने वाली बातों का अनुसरण नहीं करते। इससे उनका फोन कॉल कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मियों तक नहीं पहुंच पाता है। फिर आरोप मढ़ दिया जाता है कि कंट्रोल रूम का फोन नहीं मिलता है।
रोज आती है 25-30 हजार कॉल
कंट्रोल रूम के डीआरओ नरेश कुमार ने बताया कि रोज करीब 25 से 30 हजार फोन कॉल कंट्रोल रूम में आती है। इनमें से कुछ कॉल गलती से लग जाती है। कुछ कॉल बच्चों से खेल-खेल में जाती है। ऐसे कॉल से कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मियों का समय बर्बाद होता है। इस दौरान लाइन व्यस्त होने के कारण समय पर जरूरतमंद को मदद नहीं मिल पाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए वॉइस लॉगर लगाया गया है। जिससे अनचाही कॉल पुलिसकर्मियों तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर हो जाती है।
छह लाइनों पर रोज सुनी जाती है कॉल
पुलिस कंट्रोल रूम को आधुनिक बनाने के लिए इसकी क्षमता को 12 लाइन का कर दिया गया है। हालांकि, मौजूदा समय में छह लाइनों पर लोगों की शिकायतें सुनी जा रही है व मदद पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम के वाट्सएप नंबर 9999150000 पर भी लोग मदद मांग रहे हैं। जिसकी मॉनिटरिंग हर पल की जा रही है।