अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि सरकार ने जन्मतिथि सत्यापन के लिए विभिन्न दस्तावेजों को मान्यता प्रदान की है। नागरिक इनमें से किसी भी एक मान्य दस्तावेज के आधार पर अपनी जन्मतिथि का सत्यापन करा सकते हैं। यदि कोई नागरिक वोटर आईडी कार्ड प्रस्तुत करता है तो वह साल 2019 से पूर्व जारी होना चाहिए। इसके अतिरिक्त हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अथवा किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी दसवीं कक्षा की अंकतालिका भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों ने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, वे संबंधित विद्यालय से जारी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) या विद्यालय के प्रवेश रजिस्टर की सत्यापित प्रति प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा जन्म प्रमाण-पत्र और पासपोर्ट भी जन्मतिथि सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेज हैं। पूर्व सैनिक अपने डिस्चार्ज बुक अथवा डिस्चार्ज प्रमाण-पत्र के आधार पर भी सत्यापन करा सकते हैं। ब्यूरो