फरीदाबाद। घर से काम पर निकले युवक विशाल का शव सिटी पार्क में मिलने के मामले में पुलिस के हाथ 20 दिन बाद भी खाली हैं। जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 को सौंप दी गई है। हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पीड़ित पिता भटक रहा है। पिता का आरोप है कि उन्होंने उसके एक दोस्त का नाम लिखवाया था, मगर पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। अब जब पुलिस के पास जाते हैं तो जांच की बात कह कर पुलिस उन्हें चलता कर देती है। आखिर कब हत्यारोपी को पुलिस पकड़ेगी।
जैन कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी कर्मवीर का बड़ा बेटा विशाल मुख्य बाजार में कपड़े के शोरूम में काम करता था। कर्मवीर के अनुसार, विशाल 23 अगस्त को भी रोज की तरह दुकान गया था। रात को वह 9.30 बजे तक घर आ जाता था। उस रात नहीं आया तो परिजनों ने उसे फोन किया। विशाल ने घरवालों को बताया कि अरमान के साथ एक पार्टी में है और रात को 12 बजे तक घर आ आएगा लेकिन रात भर विशाल घर नहीं आया। तड़के करीब पांच बजे घर वालों को सूचना मिली कि विशाल का शव सिटी पार्क में मिला है और पुलिस उसे सिविल अस्पताल ले गई है। कर्मवीर के अनुसार विशाल के शरीर पर चाकू से हमले के निशान थे।
परिजनों ने विशाल के दोस्त अरमान पर हत्या का आरोप लगाया, जिस पर आदर्श नगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। कर्मवीर के अनुसार पुलिस ने अरमान को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था, मगर फिर पता नहीं क्यों छोड़ दिया। बेटे के संस्कार के बाद से पीड़ित पिता आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भटक रहा है। कर्मवीर का कहना है कि वह मामले के बारे में जानकारी लेने के लिए थाने जाता है तो उसे जांच चल रही है कह कर पुलिस वाले चलता कर देते हैं। पीड़ित थाना प्रभारी से लेकर पुलिस उपायुक्त तक को शिकायत दे चुका है, मगर कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
आदर्श नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 को सौंप दी गई है। विशाल के परिजनों ने जिस युवक अरमान का नाम लिखवाया था, उसे जांच में शामिल किया गया है। मगर अभी कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।