मंत्री विपुल गोयल को सौंपा आपत्ति पत्र, परियोजना रद्द करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सौतई गांव में प्रस्तावित कचरा डंपिंग यार्ड के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सौतई तथा आसपास के 10-12 गांवों के ग्रामीणों ने मंत्री विपुल गोयल को शनिवार को आपत्ति पत्र सौंपकर इस परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इसके बाद ग्रामीण मंत्री राजेश नागर से भी मिले। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल आबादी, सार्वजनिक सुविधाओं और महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं के बेहद करीब होने के कारण यहां डंपिंग यार्ड बनाना जनहित के विपरीत होगा।
आपत्ति पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल के समीप पंचायत वाटिका स्थित है, जहां सौतई सहित आसपास के कई गांवों के शादी-विवाह और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा गांव की मुख्य चौपालें और रिहायशी क्षेत्र भी करीब 200 मीटर की दूरी पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग यार्ड बनने से बदबू, गंदगी और प्रदूषण के कारण इन सार्वजनिक स्थलों का उपयोग प्रभावित होगा।
हरियाणा सरकार की ओर से इसी क्षेत्र में प्रस्तावित एंटरटेनमेंट जोन की योजना पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना है कि कचरा निस्तारण स्थल के कारण निवेश और पर्यटन प्रभावित होगा, जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना को नुकसान पहुंच सकता है।
आपत्ति पत्र में आईएमटी फरीदाबाद, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) के रिसर्च सेंटर और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की निकटता का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि डंपिंग यार्ड से निकलने वाला प्रदूषण, दुर्गंध और मीथेन जैसी गैसें औद्योगिक गतिविधियों, संवेदनशील संस्थानों तथा आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए सौतई में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड की योजना रद्द कर इसे किसी दूरस्थ और बंजर स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।
इस मौके पर प्रधान देवेंद्र, भूपेंद्र, तेजपाल, विक्रम रावत, दिनेश, भोली , खेम चंद सैनी, मोहन, पुराण ,कामराज, दिनेश, रविंदर, तेज, श्याम वीर, जसवंत पवार आदि मौजूद रहे।