बल्लभगढ़। नीमका गांव की पंचायत के खाते से 15 लाख रुपये के गबन और सरकारी दस्तावेज जमा न करने समेत कई आरोपों में घिरे ग्राम सचिव परमजीत को जिला उपायुक्त यशपाल के आदेश पर मंगलवार को बीडीपीओ ने निलंबित कर दिया। उन पर नोटिस का जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की गई है। विभिन्न आरोपों से चौतरफा घिरे ग्राम सचिव पर अब जांच बैठा दी गई है।
छह महीने पहले नीमका गांव की पंचायत के खाते बंद कर दिए गए। उस समय परमजीत पर पंचायत के बंद खातों से 15 लाख रुपये निकालने का आरोप लगा था। इसके बाद विभाग की ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। जब मामला मीडिया के सुर्खियों मेे आया तो बल्लभगढ़ बीडीपीओ प्रदीप शर्मा की ओर से ग्राम सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और पंचायत के सरकारी कागजात जमा कराने का निर्देश जारी किए गए।
ग्राम सचिव पर आरोप है कि उन्होंने न कोई जवाब दिया और न ही कागजात जमा कराए। इसके बाद बीडीपीओ ने मंगलवार को ग्राम सचिव को तत्काल रूप से निलंबित करने का आदेश कर दिया। इसके अलावा उन पर जांच बैठा दी गई। वहीं, मामले में ग्राम सचिव बोलने का तैयार नहीं हैं।
ग्राम सचिव पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप
परमजीत पर आय से अधिक से संपत्ति के आरोप भी लगे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उन पर विजिलेंस टीम जांच कर रही है। वहीं अब उनके निलंबित होने से परेशानी बढ़ गई हैं। हालांकि मामले में बीडीपीओ भी एक सप्ताह से कार्रवाई करने से बच रहे थे। लेकिन आखिरकार मंगलवार को ग्राम सचिव पर सख्त कार्रवाई कर दी गई।