इस मामले में बुजुर्गों से विस्तार से बातचीत करते हुए पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। वहीं चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कहा कि महिला जिस स्कूल में अध्यापक है उस स्कूल के प्रधानाचार्य को महिला को नौकरी से बर्खास्त करने की बात भी कहीं।
महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बताया कि वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि बुजुर्ग महिला ने ड्राइंग रूम की लाइट बंद कर दी थी। जिस पर उसकी पोती ने मां की शिकायत की है। मां ने भड़कते हुए अपनी सास के साथ दुर्व्यवहार किया और उसका दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
उसके बाद वह दोबारा कमरे में गई और बुजुर्ग को बेड पर लिटाकर मारपीट की। जो की अत्यंत ही निंदर्नीय घटना है। क्योंकि बुजुर्गों की आदत होती है कि वह फालतू जल रही लाइटों को बंद कर देते हैं। ताकि बिजली का खर्च कम हो सके। ऐसे में अगर बुजुर्ग ने लाइट बंद कर दी थी तो कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्हें प्यार से भी कहा जा सकता था, लेकिन महिला ने तमाम हदे पार कर दी।
इस महिला का व्यवहार बुजुर्ग दंपति के लिए खतरे की घंटी भी है। इसलिए ऐसे मामलों को रोकना बेहद लाजमी है। जिसके लिए उन्होंने पुलिस को जांच कर मामले पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।