परिवार के साथ रहने पर अपडेट कराना होगा रिकॉर्ड, नहीं तो होगी कार्रवाई
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राहुल राज
फरीदाबाद। परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) के रिकॉर्ड को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सिंगल सदस्य परिवारों के सत्यापन का अभियान शुरू किया है। जिले में ऐसे 14,673 परिवारों की पहचान की गई है, जिनकी फैमिली आईडी में केवल एक सदस्य दर्ज है। इन सभी परिवारों का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में अकेले रह रहा है या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते हुए भी फैमिली आईडी में खुद को अकेला दर्ज करा रखा है।
प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 6 लाख 26 हजार 587 फैमिली आईडी पंजीकृत हैं, जिनमें 24 लाख 70 हजार 349 सदस्य दर्ज हैं। सत्यापन अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए जिले को आठ जोन में विभाजित किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद शहरी क्षेत्र में 5 लाख 23 हजार 973, बल्लभगढ़ में 43 हजार 53, फरीदाबाद ग्रामीण में 31 हजार 11 और तिगांव में 24 हजार 545 फैमिली आईडी दर्ज हैं। इन सभी क्षेत्रों में विभागीय टीमें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार घर-घर पहुंचकर जांच करेंगी।
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सत्यापन के लिए विभाग ने जिले को आठ जोन में बांटा है। सभी टीमें जोन के हिसाब से घर-घर जाएंगी। वे फैमिली आईडी में दर्ज पते का मौके पर सत्यापन करेंगी। जांच में देखा जाएगा कि व्यक्ति वास्तव में अकेला रहता है या परिवार के साथ। यदि कोई व्यक्ति परिवार के साथ रहने के बावजूद फैमिली आईडी में अकेला दर्ज मिला, तो उसे रिकॉर्ड अपडेट कराने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फैमिली आईडी में सही जानकारी दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि निर्धारित समय के भीतर आवश्यक संशोधन नहीं कराया गया तो नियमानुसार फैमिली आईडी को अस्थायी रूप से रोकने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे में संबंधित परिवारों को समय रहते अपना रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की सलाह दी गई है।
सिंगल सदस्य परिवारों का होगा डेटा तैयार
दूसरी ओर, जो लोग वास्तव में अकेले रह रहे हैं, उनका अलग से डेटा तैयार किया जाएगा। इस सूची में बुजुर्ग, विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित और परिवार से अलग रह रहे नागरिक भी शामिल होंगे। प्रशासन का मानना है कि इस सत्यापन से अकेले रहने वाले लोगों की वास्तविक संख्या सामने आएगी। जिससे भविष्य में सरकार उनके लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाएं और सुविधाएं तैयार करने में सक्षम होगी।
फर्जी रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक
फैमिली आईडी के सत्यापन से गलत और अपूर्ण रिकॉर्ड की पहचान हो सकेगी। जो लोग परिवार के साथ रहते हुए भी खुद को अकेला दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, उनका रिकॉर्ड अपडेट कराया जाएगा। इससे डुप्लीकेट या गलत जानकारी के आधार पर मिलने वाले लाभ पर रोक लगेगी। सरकार के पास वास्तविक आंकड़े उपलब्ध होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी, सरकारी धन का दुरुपयोग रुकेगा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचेगा
फैमिली आईडी सत्यापन के बाद सरकार के पास अकेले रहने वाले लोगों का सटीक डेटा उपलब्ध होगा। इससे बुजुर्ग, विधवा, तलाकशुदा, दिव्यांग और परिवार से अलग रह रहे जरूरतमंद लोगों की सही पहचान हो सकेगी। भविष्य में इन वर्गों के लिए चलाई जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वास्थ्य, आवास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सकेगा। साथ ही जरूरत के अनुसार नई योजनाएं बनाने में भी सरकार को मदद मिलेगी।