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Faridabad News: शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में वाहनों की 27 प्रतिशत हिस्सेदारी

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जाम में लंबे समय तक वाहनों के फंसने से ईंधन की बढ़ती है खपत, निकलता है धुआं
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16 लाख से अधिक वाहन हैं जिले में

सूरज कुमार

फरीदाबाद। सर्दी शुरू होते ही शहर में प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगती है। धुंध और धूल के बीच वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को और खराब करता है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लगने वाला जाम भी प्रदूषण बढ़ने की एक वजह है। जाम में वाहन लंबे समय तक फंसे रहते हैं। इससे ईंधन की खपत बढ़ती है और धुआं भी निकलता रहता है। भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में वाहनों की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत है।



शहर में सोहना-बल्लभगढ़ मार्ग, बड़खल चौक, बीपीटीपी चौक, 13-14 डिवाइडिंग रोड और नीलम-बीके चौक के आसपास अक्सर जाम की स्थिति बनती है। व्यस्त समय में इन मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसके साथ ही, वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण की समस्या को बढ़ाता है। जिले में 16 लाख से अधिक वाहन हैं। ऐसे में वाहनों से होने वाला उत्सर्जन वायु प्रदूषण की समस्या में अहम भूमिका निभाता है। सर्दी में हवा की गति कम होने और प्रदूषकों के फैलाव में कमी आने से स्थिति और खराब हो सकती है। बड़खल चौक और सोहना-बल्लभगढ़ मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए कॉरिडोर बनाने की योजनाएं प्रस्तावित हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं पर काम शुरू होने का इंतजार है।
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भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, सर्दी में वायु प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ जाती है। सर्दी के दौरान पीएम 2.5 प्रदूषण में वाहनों का योगदान 24 से 27 प्रतिशत तक हो जाता है। वहीं, पीएम 10 में वाहनों की हिस्सेदारी 18 से 21 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके साथ ही सर्दी में औद्योगिक गतिविधियां भी प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। पीएम 10 में उद्योगों की हिस्सेदारी 24 से 32 प्रतिशत और पीएम 2.5 में 18 से 34 प्रतिशत तक आंकी गई है। धूल का योगदान भी प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करता है।
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ये हैं पीएम 10 और पीएम 2.5

पीएम 10 और पीएम 2.5 हवा में मौजूद प्रदूषण के बेहद छोटे कण हैं। पीएम 10 का आकार 10 माइक्रोमीटर या इससे कम होता है, जबकि पीएम 2.5 का आकार 2.5 माइक्रोमीटर या इससे कम होता है। ये कण सांस के जरिये शरीर में पहुंचकर फेफड़ों और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।



शहर में पांच जगह स्थापित हैं मॉनिटरिंग मशीनें



स्टेशन स्थिति सोमवार का प्रदूषण स्तर



नत्थू कॉलोनी, बल्लभगढ़ चालू 125

सेक्टर-16 बंद 00



एनआईटी चालू 122



सेक्टर-30 चालू 106

सेक्टर-11 चालू 124





बीते दिनों का एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स



दिन बल्लभगढ़ फरीदाबाद


बुधवार 216 123



बृहस्पतिवार 178 117

शुक्रवार मशीन खराब रही 111

शनिवार 232 126

रविवार 95 124
सोमवार 125 117




जाम में वाहन लंबे समय तक चालू रहने से धुआं निकलता रहता है। इससे प्रदूषण बढ़ता है। वाहन चालकों को नियमों का पालन करना चाहिए।

- स्मिता, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बल्लभगढ़
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