सरकारी अस्पताल और लघु सचिवालय के बाहर भी सुरक्षित नहीं वाहन
लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की वारदातें, पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी,
होडल। सावधान! अगर आप सरकारी अस्पताल, लघु सचिवालय, बैंक या किसी अन्य कार्यालय में अपनी बाइक लेकर जा रहे हैं तो उसे अपनी नजरों के सामने ही रखें। अन्यथा पलक झपकते ही बाइक चोर आपकी गाड़ी लेकर फरार हो सकते हैं और उसके बाद आप सिर्फ हाथ मलते रह जाएंगे। आजकल शहर में पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते बाइक चोरों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय पुलिस इन वारदातों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, गांव फालैन निवासी विष्णु सोमवार को सरकारी अस्पताल में दवाई लेने गया था। उसने बाइक अस्पताल परिसर में खड़ी की, लेकिन थोड़ी देर बाद लौटा तो बाइक गायब थी। इसी तरह गांव सीहा निवासी सिकंदर लघु सचिवालय में काम कराने गया था। जब वह बाहर आया तो उसकी बाइक चोरी हो चुकी थी। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान से बाइक चोरी हुई वहीं डीएसपी और एसडीएम के वाहन भी खड़े रहते हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंकों, स्कूलों, अस्पतालों और कॉलोनियों के बाद अब चोर लघु सचिवालय को भी निशाना बना रहे हैं। यहां कर्मचारियों और अधिवक्ताओं की बाइकें पहले भी चोरी हो चुकी हैं।
पीड़ित जब थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं तो पुलिस द्वारा तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं और एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता है। कई बार पीड़ितों को किसी रसूखदार से पुलिस को फोन करवाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।