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नेताओं के साथ फोटो और चुनाव प्रचार के पोस्टर दिखाकर करता था ठगी

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फरीदाबाद। मात्र आठवीं पास एक छुटभैया नेता ने एनसीआर के पढ़े लिखे प्रोफेसरों को कुलपति बनवाने का सपना दिखाया और करोंड़ों का चूना लगा दिया। आरोपी इसके लिए कुछ खास तकनीक का इस्तेमाल नहीं करता था। बस बड़े नेताओं के साथ कुछ फोटो और अपने चुनाव प्रचार के पोस्टर दिखाकर लोगों को अपने मायाजाल में फंसा लिया। आरोपी पानीपत निवासी नरेंद्र चौधरी पुलिस रिमांड पर चल रहा है।
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पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह स्थानीय नेता है और बड़े नेताओं के साथ रहकर उसने कुछ दांव पेंच सीख लिया। वह एक बड़ी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ था। कई साल से पार्टी के लिए काम करने के कारण उसके कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी हैं। साल 2019 में उसने करनाल के नीलोखेडी से विधायक चुनाव की तैयारी की थी। उसे विश्वास था कि पार्टी इस बार उसे टिकट जरूर देगी। इसके लिए उसने पोस्टर छपवा कर प्रचार भी किया था। इन पोस्टरों में उसने अपने साथ देश के बड़े नेताओं के फोटो भी लगाए थे। इससे लोगों में उसकी पहचान बनने लगी और लोग अलग अलग काम निकलवाने के लिए उसके पास आने लगे। फोटो और पोस्टरों से ही लोग उसे बड़ा नेता मानने लगे थे।
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ढाबे पर खाना खाते समय ही जाल में फंसा लिया था एडीए
आरोपी नरेंद्र चौधरी लोगों के बातों में फंसाने में इतना माहिर है कि सेक्टर 12 में कोर्ट में तैनात एडीए को उसनें खाना खाने के दौरान ही जाल में फंसा लिया था। करीब दो माह पहले नरेंद्र की मुलाकात एडीए कपिल चौधरी से मुरथल के मन्नत ढाबे पर हुई थी। खाना खाने को दौरान ही उसने अपना रसूख दिखाकर कपिल को झांसे में ले लिया। उन्हे फरीदाबाद पुलिस आ युक्त कार्यालय में एडीए लगवाने की एवज में नो लाख रुपये ऐंठ लिए।
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देहरादून में छिपाई है ठगी की रकम
जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि डीयू के प्रोफेसर से ठगे गए पैसे उसने देहरादून के इंद्रेश नगर में छिपाकर रखी है। ज्यादातर पैसों को अपने प्रचार और नेताओं की आवभगत में खर्च कर चुका है। पुलिस आरोपी को लेकर देहरादून के लिए रवाना हो चुकी है। बृहस्पिवार को पुलिस ने डीयू की पूर्व प्राचार्य मंजुला दास से भी पूछताछ की। आरोपी ने मंजुला दास को भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कुलपति बनवाने का झांसा देकर 40 लाख रुपये ठगे थे।
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-- संवाद---
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