फरीदाबाद। आरोपी नरेंद्र चौधरी ने सबसे ज्यादा ठगी की वारदात अपनी बेटी के कॉलेज में ही कर रखी थी। आरोपी की बेटी डीयू के सत्यवती कॉलेज में एमए की छात्रा है। आरोपी बेटी से मिलने के लिए जाता और प्राचार्या के कार्यालय में बैठता था। यहां वह अपनी शान में कसीदे पढ़ता और अपने जाल में लोगों को फंसाता था। प्राचार्या भी उसकी बातों में आ गई और 40 लाख गवां बैठी। उन्होने कई लोगों से आरोपी को मिलवाया। वे नही जानती थी कि आरोपी एक ठग है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने कॉलेज के कई छोटी पोस्ट के कर्मचारियों से भी पैसे ऐंठ रखे हैं। इसमें वह सरकारी यूनिवर्सिटी में चपरासी, लाईब्रेरियन, चौकिदार, स्टोर कीपर जैसे पदों पर नोकरी का झांसा देता था। ज्यादातर लोगों ने रकम छोटी और आरोपी के बडे रसूख के कारण शिकायत ही दर्ज नही कराई।
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साल 2019 चुनाव के दौरान ही शुरू किया था ठगी का खेल
आरोपी ने लोगों को ठगने का काम साल 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान ही शुरू किया था। आरोपी ने शुरूआत में लोगों से चुनाव में मदद के नाम पर पैसे मांगने शुरू किए। जब उसे लगा कि लोग नेताओं के रौब को देखकर आराम से पैसे दे देते हैं तो उसने ठगी का काम शुरू कर दिया। आरोपी को विश्वाश था कि उसे पार्टी से विधायक की टिकट मिल जाएगी। साल 2019 में आरोपी ने कालेज प्रार्चाया मंजुला दास से 40 लाख रुपये लिए थे। 2020 में आरोपी की मुलाकात एयरपोर्ट प्राधिकरण क्वाटर में कानपुर निवासी राकेश त्रिवेदी से हुई। ये मुलाकात भाटी नाम के उसके एक जानकार ने कराई थी। राकेश को जयपुर विश्वविद्यालय में कुलपति बनवाने का झांसा देकर 50 लाख रुपये ठग लिए। जून 2022 में मुरथल के ढाबे पर खाना खाते समय फरीदाबाद के एडीए कपिल चौधरी को पुलिस आयुक्त कार्यालय में लगवाने के नाम पर 9 लाख ले लिए। फरवरी 2022 में भिवानी निवासी भूरा फौजी को गर्वनर हाउस में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये ऐंठ लिए। मार्च 2022 में आरोपी ने कुरुक्षेत्र के चनारथल शाहाबाद निवासी जसबीर को एक करोड का लोन दिलाने का झांसा देकर 4 लाख का चूना लगा दिया। आसाम के जलशक्ति विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने रविंद्र रजावर नाम के साथी के माध्यम से आसाम के एक युवक से 13 लाख ठग लिए। साल 2019 में फरीदाबाद के तरुण से 40 लाख ठग लिए।