छह माह की गर्भवती नेहा की हत्या के मामले में परिजनों का गुस्सा फूटा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। छह माह की गर्भवती नेहा की हत्या के मामले में शनिवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने बीके अस्पताल में जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे के बाद शनिवार शाम करीब चार बजे नेहा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि पिछले दो दिनों से उन्हें अस्पताल के चक्कर कटवाए जा रहे थे। कभी फोरेंसिक टीम उपलब्ध नहीं होने तो कभी गायनी विशेषज्ञ डॉक्टर के मौजूद नहीं होने का हवाला देकर पोस्टमार्टम टाला जा रहा था। मृतका के पिता विजय प्रसाद ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या को दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पोस्टमार्टम नहीं होने से परिवार को शव के लिए भटकना पड़ रहा था।
परिजनों ने बताया कि वे पहले सीएमओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां सीएमओ नहीं मिले। इसके बाद उन्हें पीएमओ कार्यालय भेजा गया, जहां कार्यालय बंद मिला। परिजनों का आरोप है कि उनके अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही अधिकारी कार्यालय बंद कर चले गए। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
बता दें कि पल्ला थाना क्षेत्र की पंचशील कॉलोनी में रहने वाली नेहा की हत्या के मामले में उसके पति अमित गुप्ता पर हत्या का आरोप है। परिजनों का आरोप है कि अमित ने पहले चुन्नी से गला दबाया और बाद में पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोकर नेहा की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपने चाचा को फोन कर घटना की जानकारी देने के बाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी अहम माना जा रहा है।
पोस्टमार्टम में देरी के आरोप के विषय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उनके पक्ष जानने के लिए उनसे दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।