पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री को भेजा पत्र, जीरो-एमडीआर सुविधा जारी रखने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।
पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित पांच रुपये के मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क को लेकर ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने विरोध जताया है। एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र और ईमेल भेजकर पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की है।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आदर्श दीवान ने बताया कि पेट्रोल पंप पहले से ही सीमित मार्जिन पर काम कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से डीलरों पर सीधे आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसका असर खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और कम बिक्री वाले पेट्रोल पंपों पर अधिक पड़ेगा।
नकद भुगतान बढ़ने की जताई आशंका
एसोसिएशन के अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्राहक भी बड़ी राशि के भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर पांच रुपये एमडीआर शुल्क लागू किया जाता है तो इससे डिजिटल भुगतान की रफ्तार प्रभावित होगी। ग्राहकों और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच नकद भुगतान को लेकर फिर से निर्भरता बढ़ने की आशंका है।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि फ्यूल सेक्टर में पहले से चली आ रही जीरो-एमडीआर व्यवस्था को जारी रखा जाए। डीलर्स का कहना है कि सीमित मार्जिन वाले पेट्रोल पंपों पर किसी भी अतिरिक्त लेनदेन शुल्क का असर सीधे उनकी आय पर पड़ेगा। इसलिए सरकार इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए पेट्रोल पंपों को इससे छूट देने का निर्णय ले।