-बारिश में भी नहीं होगा जलभराव, जाम से भी मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया जा रहा है। एक तरफ जहां फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट स्तर की सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर को रेलवे फाटकों से मुक्त करने की योजना पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में अब मुजेसर रेलवे फाटक की जगह आधुनिक अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे इस इलाके में रोजाना लगने वाले जाम से हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही बारिश होने के बाद भी जलभराव नहीं होगा।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बताया कि फरीदाबाद तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रेलवे फाटकों के कारण लगने वाले जाम से लोगों को स्थायी राहत देने के लिए ओवरब्रिज और अंडरपास का जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में शहर में कोई भी रेलवे फाटक नहीं रहेगा और सभी स्थानों पर आधुनिक अंडरपास या ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
गौरतलब है कि मुजेसर रेलवे फाटक शहर के सबसे व्यस्त फाटकों में से एक माना जाता है। यहां दिनभर वाहन चालकों की लंबी कतार लगती हैं और फाटक बंद होने पर जाम की स्थिति बनी रहती है। औद्योगिक क्षेत्र और रिहायशी कॉलोनियों के बीच स्थित होने के कारण यहां से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं। प्रशासन के अनुसार इस फाटक की जगह बनने वाला अंडरपास अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा। इसके डिजाइन में विशेष ड्रेनेज सिस्टम शामिल होगा, जिससे बरसात के मौसम में भी अंडरपास में पानी जमा नहीं होगा।
वहीं मुजेसर अंडरपास के निर्माण के लिए प्रशासन ने पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना के लिए 200 से अधिक अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि अंडरपास बनने से इस इलाके की तस्वीर बदल जाएगी।
रेलवे स्टेशन का भी होगा कायाकल्प
रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना के तहत स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्लेटफॉर्म का विस्तार, आधुनिक प्रतीक्षालय, लिफ्ट और एस्केलेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली, बेहतर पार्किंग और साफ-सुथरे शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना में हुए बदलाव के चलते रेलवे स्टेशन का कार्य 2025 के स्थान पर इस साल पूरा होगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता, यात्री सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि स्टेशन का विकास लंबे समय तक टिकाऊ और उपयोगी साबित हो सके।
तीन अन्य अंडरपास को नया रूप देगा एचएसवीपी
शहर के पुराने अंडरपास में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए मुजेसर अंडरपास का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे पानी तुरंत बाहर निकल सकेगा और यातायात बाधित नहीं होगा। वहीं पुराने तीन अंडरपास का भी कायाकल्प किया जाएगा। पुराने अंडरपास को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से नया रूप दिया जा रहा है। इसमें पानी निकासी के साथ सड़क की नई परत बनाना व सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है।