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अंगीठी जलाकर सोए दो सुरक्षा गार्ड की मौत: दरवाजा टूटा तो कुर्सी पर बैठे मिले, एक की दो; दूसरी की पांच बेटियां

Mon, 30 Dec 2024 07:22 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

संजय और राजेंद्र दोनों ही सेक्टर-25 स्थित एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। रविवार रात को ठंड अधिक थी। शाम के समय दोनों ड्यटी पर पहुंचे। इन्होंने गार्ड रूम में अंगीठी जलाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
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मृतक संजय (सबसे ऊपर) और राजेंद्र (नीचे) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फरीदाबाद के सेक्टर-25 स्थित एक निजी कंपनी के रूम में अंगीठी जलाकर सोए दो सुरक्षा गार्ड की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त संजय (51) और राजेंद्र (48) के रूप में हुई है। सुबह बाकी कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे इनकी मौत का पता चला। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।

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कंपनी ने बरती लापरवाही
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में क्राइम व एफएसएल की टीम ने शवों का मुआएना किया गया। बाद में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को बीके अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया। बाद में मौके से साक्ष्य जुटाए गए हैं। परिजनों ने कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

अंगीठी को पुलिस ने लिया कब्जे में
पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। अंगीठी को कब्जे में लेकर कंपनी के कर्मचारियों व जिम्मेदारों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों की मौत के बाद इनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एक यूपी दूसरा था बिहार का रहने वाला 
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से दरभंगा बिहार का रहने वाला संजय अपने परिवार के साथ सेक्टर-55, प्रतापगढ़ में रहता था। इसके परिवार में पत्नी वंदना के अलावा दो बेटी और दो बेटे हैं। वहीं मूलरूप से महोबा, यूपी का रहने वाला राजेंद्र परिवार के साथ सेक्टर-25 में रहता था। इसके परिवार में पत्नी व पांच बच्चियां हैं।

दरवाजा बंद था, इसलिए रुकी हवा
संजय और राजेंद्र दोनों ही सेक्टर-25 स्थित एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। रविवार रात को ठंड अधिक थी। शाम के समय दोनों ड्यटी पर पहुंचे। इन्होंने गार्ड रूम में अंगीठी जलाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दरवाजा बंद होने के बाद अंदर हवा आने-जाने का रास्ता बंद हो गया।

कमरा अंदर से था बंद
इनको पता ही नहीं चला दोनों कब मौत के मुंह में चले गए। सुबह के समय सबसे पहले कंपनी में सफाई करने वाला कर्मचारी पहुंचा। उसने मेन गेट को खटखटाया, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद बाकी कर्मचारियों व अधिकारियों को खबर दी गई। बाकी कर्मचारी पहुंचे तो गार्ड रूम अंदर से बंद पाया।

कुर्सी पर मिले मृत
दरवाजा तोड़ने पर दोनों कर्सी पर मृत मिले। दोनों को मृत देखते ही अफरा-तफरी मच गई। फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच के बाद पुलिस अंगीठी की वजह से दम घुटने की आशंका जता रही है। मामले की छानबीन जारी है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शाम 7.10 बजे संजय निकला था ड्यूटी
संजय की पत्नी वंदना ने बताया कि रविवार शाम करीब 7.10 बजे उसका पति ड्यूटी के लिए निकला था। इस बीच 8.03 बजे कंपनी के किसी अधिकारी ने कॉल कर वंदना को धमकाया और समय से संजय के कंपनी न आने की बात की। वंदना ने कहा कि मौसम खराब है, बस संजय पहुंचने ही वाले होंगे। इसके बाद दोबारा कॉल परिवार को धमकाया गया।

परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप
संजय और राजेंद्र के परिजनों ने कंपनी के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां कोई वेंटिलेशन नहीं था। उन्होंने कहा है कि दोनों के बच्चे छोटे-छोटे हैं, कंपनी की ओर से परिवार को उचित मुआवजा मिले। कंपनी के बाकी कर्मचारी इसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।


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