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Faridabad News: अंगीठी जलाकर सोए दो सुरक्षा गार्ड की मौत

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फरीदाबाद सेक्टर-25 स्थित निजी कंपनी में हुई वारदात, सुबह दूसरे कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने दोनों को मृत पाया
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खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, शवों का मुआयना करने के बाद मोर्चरी भेजे
क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से जुटाए साक्ष्य, गार्ड रूम में हवा आने-जाने का नहीं था कोई रास्ता

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद के सेक्टर-25 स्थित एक निजी कंपनी के कमरे में अंगीठी जलाकर सोए दो सुरक्षा गार्ड की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त संजय (51) और राजेंद्र (48) के रूप में हुई है। सुबह बाकी कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे तो इनकी मौत का पता चला। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में क्राइम व एफएसएल की टीम ने शवों का मुआयना किया। बाद में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को बीके अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया। बाद में मौके से साक्ष्य जुटाए गए हैं। परिजनों ने कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। अंगीठी को कब्जे में लेकर कंपनी के कर्मचारियों व जिम्मेदारों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से दरभंगा बिहार का रहने वाला संजय अपने परिवार के साथ सेक्टर-55, प्रतापगढ़ में रहता था। इसके परिवार में पत्नी वंदना के अलावा दो बेटियां और दो बेटे हैं। वहीं मूलरूप से महोबा, यूपी का रहने वाला राजेंद्र परिवार के साथ सेक्टर-25 में रहता था। इसके परिवार में पत्नी व पांच बेटियां हैं।
संजय और राजेंद्र दोनों ही सेक्टर-25 स्थित एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। रविवार रात को ठंड अधिक थी। शाम के समय दोनों ड्यटी पर पहुंचे। इन्होंने गार्ड रूम में अंगीठी जलाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दरवाजा बंद होने के बाद अंदर हवा आने-जाने का रास्ता बंद हो गया।
इनको पता ही नहीं चला दोनों कब मौत के मुंह में चले गए। सुबह के समय सबसे पहले कंपनी में सफाई करने वाला कर्मचारी पहुंचा। उसने मेन गेट को खटखटाया, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद बाकी कर्मचारियों व अधिकारियों को खबर दी गई। बाकी कर्मचारी पहुंचे तो गार्ड रूम अंदर से बंद पाया।
दरवाजा तोड़ने पर दोनों मृत मिले। दोनों को मृत देखते ही अफरा-तफरी मच गई। फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच के बाद पुलिस अंगीठी की वजह से दम घुटने की आशंका जता रही है। मामले की छानबीन जारी है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शाम 7:10 बजे संजय निकला था ड्यूटी पर
संजय की पत्नी वंदना ने बताया कि रविवार शाम करीब 7:10 बजे उसके पति ड्यूटी के लिए निकले थे। इस बीच 8:03 बजे कंपनी के किसी अधिकारी ने कॉल कर वंदना को धमकाया और समय से संजय के कंपनी न आने की बात की। वंदना ने कहा कि मौसम खराब है, बस संजय पहुंचने ही वाले होंगे। इसके बाद दोबारा कॉल कर परिवार को धमकाया गया।
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परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप

संजय और राजेंद्र के परिजनों ने कंपनी के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां कोई वेंटिलेशन नहीं था। उन्होंने कहा है कि दोनों के बच्चे छोटे-छोटे हैं, कंपनी की ओर से परिवार को उचित मुआवजा मिले। कंपनी के बाकी कर्मचारी इसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।
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