एक ही कॉरिडोर पर दो मेगा प्रोजेक्ट, फरीदाबाद में प्लानिंग और क्रियान्वयन की कसौटी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार की गईं दो बड़ी परियोजनाएं अब प्रशासनिक और इंजीनियरिंग स्तर पर नई चुनौती बनकर सामने आ गई हैं। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा को जोड़ने वाली नमो भारत रैपिड रेल परियोजना और पूर्वी-पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एलिवेटेड पुल दोनों का रूट बाटा चौक के आसपास एक ही कॉरिडोर में आ गया है।
स्थिति यह है कि दोनों परियोजनाएं शहर के लिए बेहद अहम हैं और इनमें से किसी को टालना या रूट बदलना संभव नहीं है। एक ओर रैपिड रेल से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी वहीं एलिवेटेड पुल से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने की उम्मीद है।
रैपिड रेल के नए प्रस्तावित रूट में दूरी कम होने के साथ एलिवेटेड निर्माण को प्राथमिकता दी गई है जिससे काम अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है। वहीं 682 करोड़ रुपये की लागत वाला एलिवेटेड पुल भी पहले ही स्वीकृति पा चुका है और जल्द निर्माण शुरू होने की तैयारी में है।
फिलहाल अधिकारी तकनीकी विकल्पों पर मंथन कर रहे हैं। दोनों परियोजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए सिंगल पिलर डिजाइन और समन्वित निर्माण रणनीति पर विचार किया जा रहा है ताकि शहर के विकास की रफ्तार प्रभावित न हो।