पर्वतीय कॉलोनी की घटना, बच्चों की आवाज सुनकर पड़ोसी युवक ने महिला को रोका, मारपीट के कारण तीन महीने पहले लगाया गया था कैमरा
07:00 बजे हुई घटना
सचिन कुमार
फरीदाबाद। मोबाइल पर एक छोटा सा स्क्रैच मां की ममता पर भारी पड़ गया। एक मां ने मोबाइल की स्क्रीन पर स्क्रैच आने पर अपने छह साल की बेटी और चार साल के बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी। बच्चों की रोने की आवाज सुनकर घर में आए पड़ोसी युवक ने महिला को रोका। सीसीटीवी फुटेज में महिला बेटी पर 12 सेकंड में आठ और बेटे पर सात सेकंड में चार थप्पड़ लगाती नजर आ रही है। वहीं पिता का आरोप है कि इससे पहले कई बार उसकी पत्नी बच्चों को मामूली बातों के लिए पीट चुकी है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि बच्चों के दादा बिशन सिंह ने पर्वतीय कॉलोनी चौकी में शिकायत दी है।
बच्चों के पिता सतबीर ने बताया कि वे नगला पार्ट-2 में रहते हैं। वे सेना में नायक के पद पर राजस्थान में तैनात हैं। घटना 27 सितंबर की शाम करीब सात बजे की है। उस समय उनके माता-पिता नूंह स्थित अपने घर गए हुए थे। घर में उसकी पत्नी और दोनों बच्चे मौजूद थे। बेटी मोबाइल चला रही थी। इसी दौरान उसकी पत्नी ने मोबाइल देखा और स्क्रीन पर स्क्रैच मिलने पर नाराज हो गई। आरोप है कि इसके बाद उसने बच्ची को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में महिला बच्ची को आठ थप्पड़ मारती दिखाई दे रही है। इसके बाद उसने चार साल के बेटे को चार थप्पड़ मारे। सतबीर ने बताया कि वह ड्यूटी के कारण अक्सर घर से दूर रहते हैं। बच्चों के साथ पहले भी मारपीट किए जाने के आरोप के चलते उसने करीब तीन महीने पहले घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे।
पहले भी छोटी-छोटी बातों पर पीटने का आरोप
सतबीर का आरोप है कि उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर पहले भी बच्चों के साथ मारपीट करती रही है। उसने बताया कि इस संबंध में पत्नी के मायके वालों से भी बात की गई थी, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ। सतबीर का आरोप है कि पत्नी के मायके वाले उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हैं। उसने अब बच्चों को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। सतबीर ने बताया कि 2016 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे सेना में भर्ती हुए थे। वर्ष 2019 में उसकी शादी सागरपुर निवासी सोनिया से हुई थी। सोनिया ने बीए तक पढ़ाई की है। दोनों के दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी की उम्र 6 साल और बेटे की उम्र 4 साल है।
बच्चों पर शारीरिक हिंसा का होता है नकारात्मक असर
छोटी-छोटी बातों पर बच्चों के साथ शारीरिक हिंसा करना उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इससे बच्चों में डर, असुरक्षा, चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास की कमी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अभिभावकों में लगातार गुस्सा, अत्यधिक तनाव या आवेग पर नियंत्रण की समस्या इसके पीछे की वजह हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति में मानसिक बीमारी का निष्कर्ष विशेषज्ञ के प्रत्यक्ष मूल्यांकन के बिना नहीं निकाला जा सकता। परिवार में तनाव या अकेलेपन जैसी परिस्थितियां भी व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावक को बच्चों पर गुस्सा निकालने के बजाय विशेषज्ञ से काउंसिलिंग या मनोचिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। -डॉ. मीनाक्षी मनचंदा,मनोचिकित्सक