संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। एक निजी कंपनी के पूर्व अकाउंटेंट और आईटी विशेषज्ञ ने मां और अपनी पत्नी के नाम पर 10 फर्जी कंपनी बनाकर करीब दो करोड़ की धोखाधड़ी कर ली। थाना सदर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक गिरीश कुमार ने बताया कि डीपीजी कैसर एप्लायंसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नंगला गुजरान व सेक्टर-69 आईएमटी में है। कंपनी में भगत सिंह कॉलोनी निवासी पूरन चंद वशिष्ठ अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। वहीं आशुतोष शर्मा की आईटी विशेषज्ञ होने के नाते खरीद के प्रभारी के रूप में नियुक्ति हुई थी। पूरन विभिन्न विक्रेताओं के खातों का मिलान और उन बिलों व गेट प्रविष्टियों की जांच करता था। आशुतोष को सभी आवश्यक वस्तुओं जैसे कि कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, उपभोग्य सामग्री, विभिन्न वस्तुओं के पार्ट्स/एसेसरीज की खरीद की देखभाल करने के लिए रखा हुआ था। उसके द्वारा तैयार किए गए विवरणों पर आपूर्तिकर्ताओं की फर्मों के नाम पर चेक जारी किए जाते थे। पीड़ित का कहना है कि मई 2023 में पूरन को कुछ अन्य काम सौंपा गया और परेश शर्मा को अकाउंटेंट के रूप में नियुक्त किया गया। कुछ दिनों के बाद परेश शर्मा ने खुलासा किया कि विभिन्न फर्मों के खातों के विवरण प्राप्त नहीं हुए हैं। दोनों आरोपियों से वास्तविक तथ्य को सत्यापित करने और खातों का मिलान के लिए आपूर्तिकर्ताओं के विवरण और संपर्क नंबर देने के लिए कहा गया, लेकिन वह बहाने बनाते रहे। संदेह होने पर रिकॉर्ड की जांच की गई और पाया कि आरोपियों ने कई वर्षों तक की गई खरीद के सारे बिल न तो किसी रिकॉर्ड में उपलब्ध थे और न ही कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर कोई प्रविष्टि की गई थी। जिन कंपनियों को उन्होंने चेक के माध्यम से भुगतान किया है, वह पूरन की मां धर्मा और पत्नी रुचि जोशी के नाम पर हुआ है। दोनों आरोपियों द्वारा 10 से अधिक फर्जी कंपनियां के नाम पर धोखाधड़ी की करीब दो करोड़ों से ज्यादा रकम जारी की गई है। थाना सदर पुलिस ने 4 महिला सहित 6 के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।