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Faridabad News: लूट की साजिश और अवैध हथियार के मामले में दो आरोपी बरी

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- अदालत ने कहा- न कोई सार्वजनिक शिकायत हुई, न ही स्वतंत्र गवाह पेश किए
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने लूट की साजिश और अवैध हथियार रखने के एक मामले में शाद और दिलशाद को दोषमुक्त करार कर दिया। अदालत ने 30 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर पाया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल नौ गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि पुलिस ने फर्जी फंसाया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कई गंभीर खामियां पाईं। फैसले में कहा गया कि घटना को लेकर किसी भी आम नागरिक ने कोई शिकायत नहीं की। इसके अलावा, पुलिस ने न तो किसी स्वतंत्र गवाह को जांच में शामिल किया और न ही मौके पर किसी प्रकार की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी की गई।
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अदालत ने यह भी माना कि बरामद पिस्टल तकनीकी जांच में काम करने की स्थिति में नहीं थी और जब्ती प्रक्रिया में भी आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं। इन सभी तथ्यों से अभियोजन की कहानी संदिग्ध प्रतीत होती है। इन परिस्थितियों में अदालत ने दोनों युवकों को संदेह का लाभ देते हुए दाेषमुक्त करार कर दिया। साथ ही दिलशाद के जमानती बंधन समाप्त करने और न्यायिक हिरासत में बंद शाद को रिहा करने के आदेश दिए गए।
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2021 में मारे छापे के दौरान पकड़े थे दोनों

यह मामला थाना आदर्श नगर, फरीदाबाद में 11 फरवरी 2021 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने सेक्टर-61 ट्रांसपोर्ट नगर, मलेरना रोड क्षेत्र में छापा मारकर दो युवकों को पकड़ने का दावा किया था। पुलिस का कहना था कि दोनों युवक राहगीरों को लूटने की योजना बना रहे थे। तलाशी के दौरान शाद के पास से एक पिस्टल और टॉर्च व दिलशाद के पास से रॉड बरामद होने की बात कही गई। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 398, 401, 120-बी, 511 और शाद के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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