फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: बिजली गुल होने पर भी नहीं रुकेगा उपचार, तिगांव-खेड़ीकलां सीएचसी में लगेंगे जनरेटर

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रॉमा केयर सेंटरों में आपात सेवाओं को मिलेगी मजबूती
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग तिगांव और खेड़ीकलां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था करेगा। दोनों केंद्रों में 62.5 केवीए के डीजी सेट लगाए जाएंगे। इस पर 27.23 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे बिजली कटौती के दौरान भी ट्रॉमा केयर सेंटरों में उपचार से जुड़ी जरूरी सेवाएं जारी रखने में मदद मिलेगी।

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को शुरुआती उपचार उपलब्ध कराने के लिए चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों खेड़ीकलां, तिगांव, कौराली और पाली में ट्रॉमा केयर सेंटर बनाए जाने हैं। इन केंद्रों में घायलों को प्राथमिक उपचार देने के साथ उनकी स्थिति स्थिर करने और जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पताल में रेफर करने की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में बिजली की निर्बाध आपूर्ति जरूरी है, ताकि उपचार के दौरान उपकरणों और अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो।
विज्ञापन


योजना के तहत ट्रॉमा केयर सेंटरों में माइनर ऑपरेशन थियेटर और 50 यूनिट रक्त संग्रह क्षमता वाला ब्लड बैंक भी बनाया जाना है। आपात स्थिति में घायलों को रक्त उपलब्ध कराने और शुरुआती उपचार में ये सुविधाएं अहम भूमिका निभाएंगी। बिजली बाधित होने पर इन सेवाओं पर असर न पड़े, इसके लिए विभाग ने डीजी सेट लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
विज्ञापन


दोनों केंद्रों के लिए अलग-अलग बजट

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तिगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डीजी सेट लगाने पर 12.59 लाख रुपये और खेड़ीकलां में 14.64 लाख रुपये खर्च होंगे। दोनों केंद्रों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। डीजी सेट से केवल ट्रॉमा केयर सेंटर ही नहीं, बल्कि संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी बिजली आपूर्ति की जाएगी। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डीजी सेट लगाने का टेंडर हो गया है। इससे पूरे स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होगी। वहीं, ट्रॉमा केयर सेंटरों के निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से किया जा रहा है। इन केंद्रों के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को शुरुआती उपचार के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें