विश्व पर्यटन दिवस
झील के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च
रानी की छतरी-शाही तालाब को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी
भारती दुबे
फरीदाबाद।
जिले के पर्यटन मानचित्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। अरावली की तलहटी में स्थित बड़खल झील के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण की परियोजना का लाभ अगले साल तक पर्यटकों को पूरी तरह मिलने की उम्मीद है। करीब 42 एकड़ में फैली झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर सरकार ने करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
स्मार्ट सिटी की ओर से झील के पुनर्जीवन, विकास और सौंदर्यीकरण का काम पूरा किया जा चुका है। हालांकि, पर्यटन विभाग ने अभी तक झील को औपचारिक रूप से अपने अधीन नहीं लिया है। कभी दिल्ली-एनसीआर के लोगों के पसंदीदा पिकनिक स्थलों में शामिल रही बड़खल झील अरावली की पहाड़ियों, हरियाली और शांत वातावरण के कारण खास पहचान रखती है। हरियाणा पर्यटन भी बड़खल को दिल्ली से करीब 32 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों से घिरे पर्यटन स्थल के रूप में सूचीबद्ध करता है। पुनर्जीवन के बाद यहां पर्यटकों के लिए घूमने, बैठने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना में वॉक-वे, पिकनिक स्पॉट, बच्चों के लिए झूले, बोटिंग समेत कई सुविधाओं की योजना शामिल रही है।
ऐतिहासिक विरासत भी बनेगी पर्यटन का हिस्सा
बड़खल झील के साथ फरीदाबाद की ऐतिहासिक धरोहरों को जोड़कर पर्यटन का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित रानी की छतरी और शाही तालाब को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। दोनों स्थलों के जीर्णोद्धार पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अब इन्हें दिल्ली-आगरा मार्ग से गुजरने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की तैयारी है।
योजना के तहत रानी की छतरी और शाही तालाब को पर्यटन विभाग को सौंपने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए फास्ट फूड सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है। फिलहाल दोनों ऐतिहासिक स्थलों का नियंत्रण पुरातत्व विभाग के पास है।
राजा नाहर सिंह महल से मिलेगा पर्यटन को विस्तार
फरीदाबाद में पर्यटन की पहचान पहले से ही राजा नाहर सिंह महल, सूरजकुंड और बाबा फरीद की दरगाह जैसे स्थलों से जुड़ी है। जिला प्रशासन भी बड़खल झील, बाबा फरीद मकबरे और राजा नाहर सिंह पैलेस को शहर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल करता है। राजा नाहर सिंह महल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने के बाद यहां फिल्मों और टीवी धारावाहिकों की शूटिंग भी होती रही है।
अब बड़खल झील, रानी की छतरी, शाही तालाब और राजा नाहर सिंह महल को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने से फरीदाबाद में पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने की संभावनाएं बन सकती हैं। विश्व पर्यटन दिवस पर शहर के पर्यटन क्षेत्र के लिए यह नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।