रंग- बिरंगा नजर आया मेला परिसर, बंजारे अपनी कला और संस्कृति से लोगों को अपनी ओर कर रहे आकर्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दिवाली मेला के अवसर पर सूरजकुंड परिसर रंग- बिरंगा और खूबसूरत नजर आया। चारों ओर अलग- अलग राज्यों से आए हस्तशिल्पी अपनी दुकानों पर सामान सजाते नजर आए। मेले में शिल्प, हेंडलूम, आर्ट एंड क्राफ्ट से लेकर विविध प्रकार के व्यंजन दिखाई दिए। मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहा है।
मेले में रोहतक, राजस्थान व अन्य शहरों से पहुंचे बंजारे व कलाकारों ने अपनी कला और संस्कृति से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। मेले में कच्ची घोड़ी नृत्य पर्यटकों को काफी पसंद आया। इसके अलावा बीन की धुन सुनकर लोग अपने आप को खड़े होकर सुनने से नहीं रोक पाए। नगाड़ों की आवाज मेले के बाहर तक जूर- दूर तक सुनाई दी, जिसने मेले का माहौल बना कर रखा।
मेटल, ग्लास और सेरामिक से बने दीये बने आकर्षण का केंद्र
जिले के वजीरपुर से विवेक तलवार अपने साथ खूबसूरत दीये और मोमबत्ती लाए हैं, जो फिलहाल मेले में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसमें लकड़ी का दीया, मेटल, कांच और सेरामिक से बने दीये बेहद खूबसूरत हैं। विवेक ने बताया कि उनके पास 3 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के दीये और मोमबत्ती हैं। जोकि दिवाली के मौके पर घरों में काफी सुंदर नजर आते हैं।
उन्होंने 35 लोगों को रोजगार भी दिया हुआ है और उनका सामान विदेशों में भी निर्यात किया जाता है। वे अपने साथ पिलर कैंडल, डिनर कैंडल, छोटे- बड़े दीये और घर को सुंदर बनाने के लिए कई तरह का उत्पाद लेकर आए हैं।
कैलाश के द्वारपाल पेंटिंग लोगों को आ रही पसंद
बदरपुर बॉर्डर से पहुंचीं रेखा परिहार मेले में दूसरी बार आईं हैं। रेखा पर्यटकों के लिए क्ले से बने हस्तनिर्मित उत्पाद लाई हैं, जिनमें डीआईवाई कैटल्स, खुशबू वाली मोमबत्ती, सुंदर और बेहतरीन पेंटिंग व अन्य घर को सजाने वाला उत्पाद शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्हें लोगों की काफी अच्छा प्रतिक्रिया मिली थी और इस बार भी उन्हें लोगों से पूरी उम्मीद है। दुकान पर रखी पेंटिंग जो कि क्ले से बनाई गई है, लोगों को काफी पसंद आई। लोगों ने न केवल पेंटिंग की तारीफ की बल्कि उसको बनाने के तरीके को भी जाना। रेखा ने उस पेंटिंग का नाम कैलाश के द्वारपाल रखा है। पेंटिंग में कैलाश पर्वत के आगे नंदी महाराज बैठे पहरा दे रहे हैं, जो लोगों को काफी पसंद आया।