सूरजकुंड मेले में गायक अशोक मस्ती ने दर्शकों को किया मदमस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सूरजकुंड में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर हस्तशिल्प मेले में बृहस्पतिवार की शाम सुप्रसिद्घ पंजाबी गायक अशोक मस्ती के नाम रही। यहां बड़ी चौपाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने अपनी सुरीली आवाज और मस्ती भरे गीतों से मेले में आए पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर एकाएक खींचा।
देखते ही देखते यहां लोगों का भारी मेला लग गया और बड़ी चौपाल खचाखच भर गई। उन्होंने पंजाबी के साथ-साथ हिंदी गीतों की भी यादगार व जोरदार प्रस्तुति दी। उन्होंने जैसे ही हिन्दी फिल्म याराना फिल्म का गीत तेरे जैसा यार कहां, कहां ऐसा याराना- याद करेगी दुनिया, तेरा-मेरा अफसाना, गीत शुरु किया तो यहां पर बैठे युवा मस्ती में झूमने लगे। मशहूर अशोक मस्ती ने कभी सदी के महानायक सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, कभी राजेश खन्ना तो कभी अपने जमाने में थिरकने को मजबूर करने वाले शम्मी कपूर पर फिल्माए गीतों से सबका दिल जीता। उन्होंने अपने आकर्षक अंदाज से न केवल बड़ी चौपाल बल्कि पूरे सूरजकुंड मेला परिसर को मस्ती नुमा बना दिया।
मंच के समक्ष मौजूद सभी दर्शक उनके द्वारा गाए गए हर एक गीत पर झूमते नजर आए। उनके द्वारा गाए गए पंजाबी गीत ठेकेयां ते निट खड़के ग्लासी तेरे नाम तेरे नां दी, दमादम मस्त कलंदर अलीदा पहला नंबर, ओ माही यां तैनू चरखा गली दे विच डाल दिया, चुन्नी मेरी रंग दे, ल्लहरिया मेरे यार दे गड्डी दे रंग दी, गुड़ ना लो ईश्क मीठा गीतों पर दर्शकों को साथ नाचने पर मजबूर किया। उन्होंने पंजाबी गीतों के साथ-साथ हिंदी गीतों की भी एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुति दी। अशोक मस्ती ने गीतों की प्रस्तुति के साथ-साथ अपनी तरफ से भी झूमते ही दर्शकों को अभिवादन स्वीकार किया। सूरजकुंड के हस्तशिल्प मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों को एक शानदार मंच प्रदान करने पर हरियाणा सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह मेला कलाकारों को विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान कर रहा है।