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गांव खोरी में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आज होगी भारी तोड़फोड़

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फरीदाबाद। सूरजकुंड स्थित अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी में बुधवार को नगर निगम की ओर से अवैध रूप से बने निर्माणों में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होगी। इसके लिए एक दिन पूर्व मंगलवार को सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस प्रशासन से करीब 15 सौ पुलिस कर्मियों की मांग की गई है। इसमें करीब पांच सौ महिला पुलिस कर्मी शामिल होंगी।
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तोड़फोड़ की कार्रवाई से नगर निगम की ओर से गांव में मुनादी करवाई गई। जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को घर खाली करने के लिए कहा गया है। इससे पूर्व सोमवार शाम को पुलिस अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर लोगों को जल्द घर खाली करने के आदेश दिए।
नगर निगम के अनुसार, दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर बसे खोरी गांव में 125 एकड़ जमीन है। इसमें से 80 एकड़ जमीन पर लोगों ने कब्जा कर मकान बनाए हुए हैं। तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान इस कब्जे को खाली कराया जाएगा। वहीं, कार्रवाई से पूर्व खोरी कॉलोनी के लोगों में खौफ का माहौल बन हुआ है। हालांकि, इससे पहले भी उच्च न्यायालय के आदेश पर कॉलोनी में तोड़फोड़ हो चुकी है। अब सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने जंगल की जमीन को पूरी तरह से मुक्त कराने का आदेश जारी किए। इसके लिए सभी विभागों को आदेश दिया गया। न्यायालय की ओर से पुलिस की भी जिम्मेदारी तय की गई, जिससे निगम कर्मियों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
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मुनादी का काम हुआ शुरू
गांव खोरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई से पूर्व पुलिस प्रशासन और नगर निगम ने मुनादी करवाकर लोगों को अपने मकान खुद हटाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए बाकायदा गांव में नोटिस भी लगा दिए गए हैं। पुलिस की तरफ से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को मकान खाली करने के लिए कहा गया है। इसके साथ बुधवार को होने वाली भारी तोड़फोड़ के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दी गई है। इसके लिए उपायुक्त यशपाल यादव ने बड़खल क्षेत्र के एसडीएम पंकज सेतिया, नगर निगम संयुक्त आयुक्त प्रशांत अटकान और नगर निगम के सचिव नवदीप सिंह को तैनात किया गया है।
10 हजार मकानों पर होगी तोड़फोड़ कार्रवाई
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार खोरी वन क्षेत्र में बने करीब 10 हजार मकानों को तोड़ने के आदेश जारी किए है। नगर निगम को छह हफ्तों में तोड़फोड़ कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। निगम अधिकारियों ने कहा कि धीरे धीरे मकानों को तोड़ा जाएगा। क्योंकि एक दिन में इतने अधिक मकानों को तोड़ना संभव नहीं है।
पुनर्वास दें सरकार
गांव खोरी के लोगों ने एक बार फिर सरकार से तोड़फोड़ से पहले पुनर्वास की मांग की है। लोगों ने कहा कि सरकार पहले उन्हें दूसरी जगह मकान दे या उन्हें मुआवजा दिया जाए। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाए। कॉलोनी की संघर्ष समिति ने तोड़फोड़ को रोकने की मांग की थी। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। लोगों की मांग है कि भूमाफिया पर भी कार्रवाई की जाए। क्योंकि उन्होंने ही लोगों को चुंगल में फंसाकर जमीन बेची है। तोड़फोड़ होने के बाद भी यहां पर लगातार कब्जे होते रहे है।
सुप्रीम आदेशों का अर्थ समझाने के लिए थाने में बुलाए गए ग्रामीण
सूरजकुंड थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि स्थानीय लोगों को मंगलवार देर शाम थाने में बुलाया गया। इस दौरान उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी दी गई। कोर्ट के आदेश के नियमों के बारे में गांव खोरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई से पूर्व समझाया गया। उन्हें बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से ऊपर कुछ नहीं है। ऐसे में वह किसी राजनीतिक व सामाजिक दबाव में आकर कार्रवाई में खलल न डालें। ऐसा करने पर पुलिस सभी जरूरी एक्शन लेकर तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम देगी। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने गांव के प्रमुख लोगों पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने उन्हें थाने में बुलाया। स्थानीय निवासी मोहम्मद समील ने बताया कि पुलिस ने गांव के प्रमुख लोगों को थाने में बुलाया है। ऐसा तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले हर बार पुलिस द्वारा किया जाता है।
गांव में बनाए गए परिवार पहचान पत्र
लोगों ने बताया कि सरकार की ओर से गांव में कुछ माह पहले शिविर लगाकर परिवार पहचान पत्र भी बनाए गए है। इसके साथ ही सरकार कई बार खोरी गांव में सुविधाएं उपलब्ध करवाने के अधिकारियों का निर्देश दे चुकी है। गांव खोरी इस्लाम चौक निवासी रिजवान अली का आरोप है कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा कई बार गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं। एक तरफ सरकार सुविधाएं देनी की बात करती है। दूसरी तरफ उच्चतम न्यायालय का आदेश आया है कि घर खाली करवाए जाएं। कोरोना महामारी में लगे लॉकडाउन में अब लोग कहां जाएंगे। ये किसी को समझ नहीं आ रहा है। निगम को मकान खाली करने के लिए लोगों को 10 से 15 दिन का समय देना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय के आदेशों की पालना के लिए नगर निगम की ओर से तोड़फोड़ की तैयारी पूरी कर ली गई है। बुधवार को सुबह नौ बजे से तोड़फोड़ शुरू कर दी जाएगी। उपायुक्त यशपाल की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए गए है। पुलिसकर्मी भी खोरी कालोनी पहुंच जाएंगे।
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- डॉ. गरिमा मित्तल, आयुक्त, नगर निगम फरीदाबाद
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