समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका है पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। डिपो में बसों की देखरेख व जांच के लिए ट्रैफिक मैनेजर (टीएम) की नियुक्ति की गई है। चार साल से कार्यरत टीएम को सरकार की ओर से गाड़ी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। जिस वजह से वह रोडवेज बसों की जांच नहीं कर पाते हैं।
टीएम नवनीत बजाज ने बताया कि वह पिछले चार साल से डिपो में कार्यरत हैं। उनका काम है कि वह डिपो से जाने वाली बसों की रूट पर जाकर जांच करें, जिसमें वह यह भी देख सकते हैं कि परिचालक की ओर से जो यात्रियों को टिकट दी गई है वह ठीक है या नहीं। वहीं सड़कों पर अवैध रूप से दौड़ रहीं अवैध बसों की भी जांच कर चालान किए जा सकते हैं लेकिन उनके पास सरकारी गाड़ी नहीं होने की वजह से वह कोई भी कार्य नहीं कर पाते हैं। गाड़ी की समस्या को लेकर उनकी ओर से 50 से भी अधिक बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
सभी डिपो के टीएम के पास है गाड़ी
टीएम नवनीत बजाज ने बताया कि प्रदेश के अन्य डिपो में नियुक्त सभी टीएम के पास सरकारी गाड़ी है। सिर्फ बल्लभगढ़ डिपो के टीएम के पास गाड़ी नहीं है। जिस वजह से वह जांच नहीं कर पाते हैं। बल्लभगढ़ बस डिपो के बाहर से सैकड़ों की संख्या में अवैध रूप से बस व वाहन चलते हैं। यह वाहन आगरा, गुरुग्राम, पलवल, अलीगढ़ आदि रूटों पर चलाए जाते हैं।