संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के एक निजी अस्पताल में पार्किंसन रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पॉज पार्किंसन नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल रोटरी केयर्स और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न रोटरी क्लबों के सहयोग से की गई, जिसमें मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत न्यूरोलॉजी एवं स्ट्रोक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. संजय पांडे के संबोधन से हुई। उन्होंने बताया कि पार्किंसन केवल हाथ कांपने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके शुरुआती लक्षणों में सूंघने की क्षमता कम होना, नींद संबंधी समस्याएं और शरीर की गतिविधियों में बदलाव भी शामिल हैं। समय पर जांच और इलाज को उन्होंने बेहद जरूरी बताया।
इसके बाद न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. आनंद बालासुब्रमण्यम ने डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) जैसी आधुनिक तकनीकों को प्रभावी उपचार विकल्प बताया। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संजीव सिंह ने कहा कि इलाज के साथ जागरूकता भी जरूरी है।
कार्यक्रम में पैनल चर्चा और शॉर्ट फिल्म के माध्यम से बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर पहचान और सही उपचार से पार्किंसन रोग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।