फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ होने तक गांव की मैपिंग की कमान डीसीपी एनआईटी के हाथ में है। इस इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल लगातार तैनात किया गया है। करीब 100 पुलिस कर्मी गांव के अलग-अलग प्रवेश मार्गों पर खड़े हुए हैं। इसके साथ ही खुफिया विभाग अपने स्तर पर गांव में रह रहे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। यहां रह रहे आपराधिक प्रवृति के लोगों की सूची बनाई जा रही है। डीसीपी एनआईटी ने अंशु सिंगला ने बताया कि प्रशासन को पत्र लिखकर अस्थायी जेल बनाने का आग्रह किया है। वहीं तोड़फोड़ के दौरान भीड़ को काबू करने के लिए वाटर कैनन, दंगा निरोधक वाहन व अन्य उपकरणों से लैस पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।
जाम लगाने वाले आठ लोगों को भेजा जेल
गांव में होने वाली तोड़फोड़ के विरोध में शुक्रवार को जाम लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, सरकारी कार्य में बाधा डालने, रास्ता बंद करने सहित अन्य धाराएं लगने के कारण किसी की भी जमानत नहीं हो पाई। थाना सूरजकुंड प्रभारी के मुताबिक पुलिस ने शुक्रवार को जाम लगाने के दौरान वीडियोग्राफी कराई थी। वीडियो में दिखाई दे रहे 100 से अधिक लोगों की तलाश की जा रही है।
केंद्रीय राज्यमंत्री से मिलने पहुंचे लोग
गांव खोरी में तोड़फोड़ के विरोध में शनिवार को करीब 150 लोग केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलने उनके सेक्टर-28 स्थित कार्यालय पहुंचे। मंत्री की गैरमौजूदगी में उनके निजी सचिव कौशल बाठला ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत चल रही है।