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Faridabad News: हर दिन तीन महिलाएं हुईं लापता, कुल मामलों में 65 फीसदी हिस्सेदारी

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राहुल राज
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फरीदाबाद। जिले में साल 2024 के दौरान महिलाओं के लापता होने के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार पूरे साल में 975 महिलाओं के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जो जिले में दर्ज कुल 1,504 गुमशुदगी के मामलों का करीब 65 प्रतिशत है। यानी जिले में औसतन प्रतिदिन लगभग तीन महिलाएं लापता हुईं। आंकड़े महिलाओं की सुरक्षा और उनकी खोजबीन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

62 नाबालिग लडकियां हुई लापता-



जिले में साल 2024 के दौरान महिलाओं की गुमशुदगी के मामलों में वयस्क महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। आंकड़ों के अनुसार कुल 975 लापता महिलाओं में 913 वयस्क महिलाएं (18 वर्ष से अधिक आयु) शामिल हैं। वहीं, 62 नाबालिग लड़कियां (18 वर्ष से कम आयु) भी लापता हुईं है। आंकड़े बताते हैं कि गुमशुदगी की समस्या केवल किशोरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे अधिक प्रभावित वर्ग वयस्क महिलाओं का है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती घंटों में त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है।
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जिले से बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों के लापता होने के मामले सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता पर सवाल खड़े कर रहे है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश मामलों में पारिवारिक विवाद, घर छोड़ना या अन्य सामाजिक कारण सामने आते हैं, लेकिन कुछ मामलों में अपहरण और मानव तस्करी जैसी आपराधिक आशंकाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और सतर्कता बेहद जरूरी होती है।
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हेल्पलाइन और कानून के बावजूद नहीं थम रहीं महिलाओं की गुमशुदगी-

प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन, महिला हेल्प डेस्क, वन स्टॉप सेंटर और विभिन्न कानून लागू किए गए हैं। हालांकि जिले में महिलाओं के लापता होने के बढ़ते आंकड़े इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। साल 2024 में जिले से 975 महिलाएं लापता हुईं, जिससे स्पष्ट है कि सुरक्षा तंत्र अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा है। हेल्पलाइन और सहायता केंद्र होने के बावजूद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।



अमर उजाला ब्यूरो


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