तीनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
जुर्माना नहीं भरने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आईएमटी सेक्टर-68 में कार के पैसों के लेनदेन को लेकर हुई जितेंद्र नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हत्या गंभीर अपराध है, लेकिन यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में नहीं आता, इसलिए दोषियों को मृत्युदंड देने के बजाय आजीवन कारावास की सजा दी जाती है।
अदालत ने दोषी संदीप पुत्र दलीप सिंह, संदीप पुत्र सतबीर सिंह और जीत सिंह पुत्र खजान सिंह को धारा 302/34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। तीनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार, मृतक जितेंद्र के बेटे सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 18 जून 2021 की शाम करीब चार बजे सूचना मिली थी कि उसके पिता जितेंद्र गांव चंदावली के रहने वाले संदीप उर्फ दली अहीर, संदीप पुत्र सतबीर, कृष्ण पुत्र जगदीश उर्फ बाबा और जीत पुत्र खजान सहित अन्य लोगों के साथ आईएमटी सेक्टर-68 स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन के पीछे खाली जमीन पर शराब पी रहे हैं। सोनू ने अपनी शिकायत में कहा कि जब वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि उसके पिता पर संदीप पुत्र दलीप, संदीप पुत्र सतबीर और कृष्ण चाकुओं से हमला कर रहे थे, जबकि जीत सिंह और अन्य लोग उन्हें पकड़कर लात-घूंसों से मार रहे थे। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग गए। शिकायत के अनुसार, जितेंद्र खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे और मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी।
लेनदेन की रंजिश को बताया हत्या की वजह
सोनू ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता जितेंद्र और संदीप पुत्र दलीप के बीच गाड़ी के पैसों के लेनदेन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 148, 149, 302 आईपीसी और 25-54-59 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
एक दोषी पहले भी हत्या केस में उम्रकैद काट रहा
सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने तीनों दोषियों के बयान दर्ज किए। दोषी संदीप पुत्र दलीप सिंह ने अदालत को बताया कि उसके परिवार में पत्नी, बुजुर्ग मां और पांच वर्षीय बच्चा है, वही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। हालांकि अदालत के समक्ष यह तथ्य भी आया कि वह पहले भी हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार 24 जनवरी 2012 में थाना सदर बल्लभगढ़ में धारा 302 और 201 आईपीसी के तहत दर्ज एक मामले में उसे पहले ही उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। वर्तमान वारदात के समय वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर था। इसके अलावा संदीप पुत्र दलीप सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा-25 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की अतिरिक्त सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आदेश दिया कि उसकी दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।