नगर निगम के 200 करोड़ के घोटाला मामले में गिरफ्तार ऑडिट व वित्त विभाग के चारों आरोपियों में से तीन को विजिलेंस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। वरिष्ठ लेखा अधिकारी हरगुलाल फागना से पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड बढ़ा दी गई है। विजिलेंस ने कहा कि हरगुलाल से अभी और पूछताछ करनी है। ऑडिट शाखा के संयुक्त निदेशक दीपक थापर, वरिष्ठ लेखा अधिकारी विशाल कौशिक, वित्त नियंत्रक सतीश कुमार को अदालत ने जेल भेज दिया है।
अभी तक की पूछताछ में आरोपियों ने कई जानकारी दी है। इंजीनियरिंग विभाग द्वारा पास फाइल पर ऑडिट व वित्त विभाग राशि जारी करता था। आरोपियों ने मौके पर जाकर कभी देखा ही नहीं कि जिस काम के लिए पैसा दिया जा रहा है, वह हुआ भी है या नहीं। मौका मुआयना करते समय इंजीनियरिंग विभाग का अधिकारी भी साथ होता है।
अब आरोपी ठेकेदार सतवीर, मुख्य इंजीनियर डीआर भास्कर व रमण शर्मा की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। मामला साल-2020 में सामने आया था। तत्कालीन पार्षद दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल, महेंद्र सरपंच ने शिकायत दी थी कि उनके इलाके में काम नहीं हुआ और भुगतान कर दिया गया। निगम आयुक्त की टीम जांच में जुटी है। आरोपी रमन शर्मा, डीआर भास्कर, जेई दीपक व ठेकेदार सतबीर जमानत पर हैं।