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Faridabad News: डिजिटल अरेस्ट कर 2.13 करोड़ रुपये की ठगी में तीन आरोपी गिरफ्तार

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साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ की टीम ने महाराष्ट्र से पकड़े आरोपी
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ट्रांजिट रिमांड पर फरीदाबाद ला रही टीम, यहां अदालत में पेश कर लिया जाएगा रिमांड पर

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। डिजिटल अरेस्ट कर 2.13 करोड़ रुपये की ठगी मामले में तीन आरोपियों को महाराष्ट्र के थाणे से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में पंकज सुहास कांटे, सौरभ देव कुल्ले और अजय दामोदर भगत शामिल हैं। साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ की टीम ने ठगी मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी मुख्य ठगों के लिए कार्य करते थे। इनको ठगों ने एक विशेष डिवाइस उपलब्ध कराई थी, जिसमें एक साथ 250 से अधिक सिम कार्ड संचालित किये जा सकते थे। आरोपी सिम कार्ड को सक्रिय कर उक्त डिवाइस में लगाकर ठगी की वारदात में तकनीकी सहायता प्रदान करते थे।
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पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर टीम महाराष्ट्र से फरीदाबाद आ रही है। यहां लाकर जिला अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत सेक्टर-64 के रहने वाले व्यक्ति ने दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 जनवरी को उनकी पत्नी के पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को टेलीकॉम डिपार्टमेंट का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड से लिंक एक बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग के 20 लाख रुपये आए हैं। इसके बाद कॉल को कथित तौर पर मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद उनको लगातार वीडियो कॉल पर रखा गया और उन्हें घर से बाहर जाने से मना किया गया। हर दो घंटे में वीडियो कॉल कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। 15 जनवरी को उनके पास ईडी के नाम से फंड फ्रीज व गिरफ्तारी ऑर्डर भेजे गए।
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आरोप है कि 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के नाम से एक फर्जी पत्र भेजा गया, जिसमें कथित सत्यापन के लिए बैंक खातों की समस्त राशि निर्दिष्ट खातों में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। 48-72 घंटे में राशि वापस करने का आश्वासन दिया गया। गिरफ्तार होने के डर से शिकायतकर्ता ने विभिन्न ट्रांजेक्शन के माध्यम से बताए गए बैंक खातों में 21316000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। 30 जनवरी को ठगों ने सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी एनओसी व पीसीसी पत्र भी भेजे, जिनमें उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस से बरी किए जाने का दावा किया गया। बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपनी राशि वापस लेने के लिए संपर्क करना चाहा तो आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका। साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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