अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, 9 मार्च को बल्लभगढ़ सिटी थाना में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीएसएनएल के फर्जी अथॉरिटी लेटर से प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के बाद निगम की जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली। आरोपी राज सिंह यादव के अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और उन्होंने न तो शिकायतकर्ता को कोई गलत नुकसान पहुंचाया और न ही कथित लेन-देन से कोई गलत लाभ उठाया।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं कि उसने अपने भाई राज कुमार यादव के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। आरोपी ने जाली दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा भी दायर किया है। जाली दस्तावेजों को बरामद करने और उन्हें तैयार करने में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी है।
बल्लभगढ़ सिटी थाना में ये एफआईआर 9 मार्च 2026 को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त ने दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि बल्लभगढ़ ऊंचा गांव के मिल्क प्लांट रोड स्थित निगम की जमीन खसरा संख्या 94/2 पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। नगर निगम ने मामले में शिकायत मिलने के बाद इस जमीन पर सूचना पट्ट लगाया जिस पर लिखा था कि यह जमीन नगर निगम, फरीदाबाद की है। आरोप है कि नगर निगम ने ये जमीन बीएसएनएल को लीज पर दी थी। लेकिन आरोपी पक्ष के लोगों ने बीएसएनएल के अधिकारी के नाम से फर्जी अथॉरिटी लेटर बनाकर नगर निगम में इस जमीन की प्रॉपर्टी आईडी बनाने के लिए आवेदन किया।
नगर निगम की संबंधित शाखा ने रूटीन प्रोसेस के तहत प्रॉपर्टी आईडी के आवेदन को मंजूरी दे दी और प्रॉपर्टी आईडी बना दी गई। बाद में 7 अगस्त 2025 को राज कुमार यादव ने बल्लभगढ़ सब रजिस्ट्रार के सामने प्रॉपर्टी आईडी व अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री करा ली। बाद में नगर निगम के संज्ञान में मामला पहुंचा तो प्रॉपर्टी आईडी में सुधार कर इस जमीन का मालिक नगर निगम को ही दिखाया गया। नगर निगम के ऐसा करने के बाद राज सिंह यादव ने फरीदाबाद जिला अदालत में नगर निगम के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया। इसमें 12 मई को अगली सुनवाई होनी है। मामले में निगम की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोपी राज सिंह यादव की अग्रिम जमानत याचिका अब अदालत ने खारिज कर दी है।