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Faridabad News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव से मिलेगी निजात, 17 स्थान चिह्नित

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झाड़सेंतली से दिल्ली के सराय तक एनएचएआई, एफएमडीए ने किया सर्वे, रिपोर्ट के आधार पर होगा काम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद शहर को स्वच्छ बनाने और बारिश के दौरान जलभराव जैसी बड़ी समस्या को दूर करने की मुहिम में सरकारी एजेंसियों ने कवायद शुरू की है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर दिल्ली सीमा के सराय से लेकर पलवल सीमा पर झाड़सेंतली तक जलभराव के स्थान चिह्नित किए गए हैं। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से सर्वे किया गया है। रिपोर्ट में 8 बड़े समेत कुल 17 स्थान चिह्नित किए गए हैं। अब रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभाग इन स्थानों पर समस्याओं का निराकरण करेंगे।

बारिश के दौरान फरीदाबाद में हर तरफ जलभराव हो जाता है। शहर के अंदरूनी हिस्से के साथ-साथ विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर एक से डेढ़ फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में पूरा शहर जाम की चपेट में आ जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को इस जलभराव से छुटकारा दिलाने के लिए हाल ही में शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सभी सरकारी विभागों से इसपर काम करने के लिए कहा था। हाल ही में जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए), नगर निगम, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), एचएसवीपी के साथ बैठक कर इसका निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
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बृहस्पतिवार को एफएमडीए और एनएचएआई की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के दोनों ओर झाड़सेंतली से लेकर सराय सीमा तक जलभराव वाले स्थान चिह्नित किए हैं। इनमें पलवल से फरीदाबाद की ओर झाड़सेंतली, एलफेंशन चौक, बल्लभगढ़ बस स्टैंड, सीही मेट्रो स्टेशन के पास, फरीदाबाद से बल्लभगढ़ की ओर सीही के पास, वाईएमसीए चौक, बाटा चौक, नीलम चौक, ओल्ड फरीदाबाद, सराय मेट्रो स्टेशन के पास जलभराव चिह्नित किया गया। एक-दो दिनों में टीम की बनाई रिपोर्ट के आधार पर अगले सप्ताह सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर निस्तारण की योजना बनाई जाएगी। रिपाेर्ट के आधार पर संबंधित विभाग मानसून आने से पूर्व इस पर कार्य पूरा कराएंगे।

एनएचएआई ने सीवरेज लाइन से जोड़े नाले
सर्वे में आया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से रोड के दोनों ओर बनाए गए नाले को अधिकतर स्थानों पर नगर निगम, एफएमडीए या अन्य विभागों के निकाले गई सीवरेज लाइन से जोड़ा गया है। सीवरेज लाइन चोक होने से पानी आगे नहीं जा पाता और जलभराव होता है। झाड़सेंतली, बाबू कालोनी, बल्लभगढ़ सीही में नाले को शहर की सीवर लाइन से जोड़ा गया है।
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कई स्थानों पर नालों में भरी है गाद
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने नालों में गाद भरी है। लगभग सभी स्थानों पर नाले चोक हैं। ऐसे में बारिश के बाद पानी उफनकर सड़कों पर आ जाता है।
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पूरे वर्ष करानी पड़ेगी नालों की सफाई
अक्सर विभाग मानसून आने से कुछ दिन पहले जागते हैं। ऐसे में शहर भर के नालाें के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बड़े नालों से गाद निकालने का कार्य 20 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाता। इसलिए सर्वे में पूरे वर्ष नालों की सफाई कराने की जरूरत बताई गई है।
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शहरवासियों की जागरूकता भी जरूरी
बारिश में जलभराव समस्या के लिए शहरवासियों का भी बड़ा हाथ हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के आस-पास रहने वाले शहरवासी और दुकानदार इन नालों में पॉलिथीन में कचरा और मिट्टी आदि डालते रहते हैं। कुछ ही दिनों में साफ नाले भर जाते हैं। लोगों को जागरूक करने की भी आवश्यकता है।
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दिल्ली बॉर्डर से पलवल बॉर्डर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जलभराव वाले स्थानों को सर्वे कराकर चिह्नित किया गया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त को भेजी जाएगी। साथ ही अन्य विभागों के साथ बैठकर योजना तैयार की जाएगी। आने वाले मानसून से पहले समस्या का निराकरण कराने की योजना है, जिससे फरीदाबाद के लोगों को इस बड़ी दिक्कत से छुटकारा मिले।
विशाल बंसल, मुख्य अभियंता एफएमडीए
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